नगर के मदापुरसम्सपुर निवासी एक महिला की तहरीर पर घोसी कोतवाली पुलिस ने रविवार की देर शाम फोन पर तलाक देने को लेकर पति सहित चार लोगों के खिलाफ मुस्लिम महिला अधिकार सुरक्षा अधिनियम के साथ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
मोहल्ला निवासी फातिमा परवीन की शादी हलधरपुर थाना के इटौरा अरदौना निवासी दानिश के साथ 16 अक्तूबर 2022 को हुई थी। पत्नी ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही पति दानिश, सास रोशन जहां, ननद जन्नतुल फिरदौस और देवर जीशान दहेज की मांग को लेकर आए दिन मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। रिश्तेदारों की पहल पर पिता ने ससुराल पक्ष से बातचीत की, परंतु कोई समाधान नहीं निकला।
इस बीच फातिमा के गर्भवती होने के बाद भी दहेज को लेकर पति, सास, ननद, देवर ने मिलकर उसे मारापीटा। मायके के सहयोग से 15 जुलाई 2023 को एक नर्सिंग होम में उसने बच्ची को जन्म दिया। पुत्री होने के बाद ससुराल पक्ष के लोग उसका और उत्पीड़न करने लगे और दो लाख रुपये एवं बाइक की मांग करने लगे। असमर्थता जताने पर मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया।
पीड़िता किसी तरह से मायके पहुची। उसी दौरान 10 सितंबर 2023 को शाम को पति जीशान ने गैर कानूनी तरीके से मोबाइल पर उसे तलाक दे दिया। पीड़िता ने बताया कि तलाक देने की रिकार्डिंग उसके मोबाइल में है। फातिमा परवीन ने आरोप लगाया कि पति द्वारा दिया गया तीन तलाक मुस्लिम महिला अधिकारों की सुरक्षा अधिनियम के विरुद्ध है। कोतवाल अखिलानंद तिवारी ने बताया कि तहरीर पर पति सहित चार लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तहकीकात की जा रही है।