मऊ। गड़ासे से गर्दन पर कई वार कर पत्नी सरिता सिंह की हत्या करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार यादव ने सोमवार को आरोपी पति हरिद्वार सिंह को दोषी करार दिया। दोषसिद्ध होने के बाद अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 40 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला हलधरपुर थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद गांव का है।
अभियोजन के अनुसार बलिया जिले के रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के नरनी गांव निवासी राजेश कुमार सिंह की तहरीर पर मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। तहरीर के मुताबिक उनकी बहन सरिता सिंह की शादी हलधरपुर थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद गांव निवासी हरिद्वार सिंह से हुई थी। दंपती के दो बेटे हैं।
अभियोजन के अनुसार 27 नवंबर 2020 को तलाक की बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान हरिद्वार सिंह ने गड़ासे से सरिता सिंह की गर्दन पर कई वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से सरिता की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मुकदमे की विवेचना पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी फौजदारी, एडीजीसी फौजदारी और अधिवक्ता ने पैरवी की। अभियोजन ने अपने पक्ष में सात गवाह पेश किए। वहीं बचाव पक्ष की ओर से दो गवाह पेश कर आरोपी को झूठा फंसाए जाने का तर्क दिया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद हरिद्वार सिंह को हत्या का दोषी पाया। दोषसिद्ध होने पर अदालत ने उसे आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।