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भैसही में उफान से दर्जनों गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न

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परदहां ब्लाक के मंसड़ी में बारिश के पानी में डूबी धान की फसल। - फोटो : MAU
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घाघरा के बाद तमसा में उफान आने से किसान परेशान थे, इसबीच बीते दिनों हुई भारी बारिश से भैसही नदी उफना गई है। नदी के उफानाने से दर्जनों गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। फसल नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। पशुुुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। किसानों ने मुुआवजे की मांग की है।
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भैसही और लहरी नदी में उफान आने से नदी के तटवर्ती इलाके के किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। नदी में उफान आने से क्षेत्र के पिपरीडीह, हासपुर, ओन्हाइच,अहिलाद, मंसड़ी, ब्राहमणपुरा, पतिला, ताजपुर, उस्मानपुर सहित दर्जनों गांव की सैकड़ों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है। खेतों में पानी जमा रहने से धान की फसल बर्बाद होने के कगार पर है। इस संबंध में पिपरीडीह गांव के किसान हीरा राम, राधेश्याम, का कहना था कि अत्यधिक बारिश से धान की फसल जलमग्न हो गई है। फसल क्षति आकलन कराकर मुआवजा दिया जाए। इसी क्रम में प्रेम पांडेय का कहना था कि प्रत्येक वर्ष नदी का जलस्तर बढ़ने से काफी नुकसान होता है, लेकिन बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता है। शिकायत करने पर केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया जाता है। ज्यादा दिन से फसल डूूूबी रहने से पीली पड़ने लगी है। फसल नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। समस्या का समाधान अविलंब नहीं किया गया तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे।
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