मऊ। सीएमओ कार्यालय के आयुष्मान योजना में काम करने वाले कर्मचारियों का मानदेय सात साल में एक बार भी नहीं बढ़ा है। इसको लेकर बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉक्टर राहुल सिंह को कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर गुहार लगाई।
ज्ञापन में आयुष्मान के जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पीएन दुबे ने बताया कि वर्ष 2018 में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत की गई थी। इसके बाद जिले में जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से आयुष्मान योजना के कार्यों के क्रियान्वयन के लिए तीन सदस्य टीम गठित की गई। जितने मानदेय में टीम के सदस्यों की भर्ती 2018 में हुई थी, उसी मानदेय पर अभी तक टीम काम कर रही है। महंगाई बढ़ाने के बाद भी मानदेय में किसी भी तरह की बढ़ोतरी नहीं होने से टीम के सदस्य काफी निराश हैं। जिले स्तर पर सीएमओ और प्रांतीय स्तर पर स्टेट हेल्थ एजेंसी के सीईओ को आयुष्मान भारत कार्मिक संघ उत्तर प्रदेश के द्वारा कई बार पत्र लिखने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा है कि इन 7 वर्षों में योजना में बहुत कुछ बदला है। योजना के पात्र लाभार्थियों के समूह बदले हैं। इसके बाद भी जिला क्रियान्वयन इकाई आयुष्मान भारत के (डीआईयू) के कर्मियों का मानदेय नहीं बढ़ा है। आज प्रदेश सरकार संविदा कर्मियों के हित में अच्छे निर्णय ले रही है। ऐसे में इन कर्मियों पर भी ध्यान दिया जाए और मानदेय बढ़ाया जाए। ज्ञापन देने वाले में आशीष कुमार श्रीवास्तव, सुजीत सिंह आदि रहे।