एआरटीओ कार्यालय का निरीक्षण करते जिलाधिकारी
जिलाधिकारी ऋषिरेन्द्र कुमार ने सोमवार को सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।वहां पर चार दलाल पकड़े गए। डीएम ने उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया। यहां पर एक वरिष्ठ सहायक अनुपिस्थत पाए गए।
जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परदहां का औचक निरीक्षण किया। वहां एक एलडीसी अनुपस्थित रहीं। दोनों गैर हाजिर कर्मियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश डीएम ने दिए।जिलाधिकारी ने 11.30 बजे सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया । निरीक्षण के समय चार वाहरी व्यक्ति रामविजय, धर्मेन्द्र चौहान, सन्तोष यादव और श्याम बिना किसी कार्य के एआरटीओ आफिस घूमते नजर आए। इन्हें हिरासत में लिया लेकिन बाद में इन्हें चेतावनी देकर शाम तक छोड़ देने के निर्देश डीएम द्वारा दिये गये।
जिलाधिकारी ने एआरटीओ (प्रशासन) कहकशा खातून को सख्त निर्देश दिया कि कार्यालय के अंदर किसी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश न कदापि न हो। डीएम नेे यह हिदायत दिया कि जिस व्यक्ति का का कार्य हो केवल वही व्यक्ति कार्यालय के अंदर उपस्थित रहे। डीएम ने कार्यालय के गेट पर सुरक्षाकर्मी तैनात करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने परिवहन कार्यालय में बिना प्रार्थना पत्र स्वीकृत कराए वरिष्ठ सहायक जागरण त्रिपाठी अनुपस्थित मिले । डीएम ने उनका एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग में अव्यवस्था पर नाराजगी जताया। डीएम ने निर्देश दिया कि दुबारा निरीक्षण में यदि सुधार नहीं हुआ तो सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। इसके बाद जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परदहां का औचक निरीक्षण किया। वहां पर एलडीसीािनवेदिता पांडेय अनुपस्थित मिलीं। उनका भी एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश डीएम ने दिया।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केन्द्र में मरीजों को और सुविधाएं देने तथा अस्पताल से ही मरीजों को सभी दवाइयां देने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने अस्पताल के सामने खाली मैदान का सुन्दरीकरण कराने के साथ अस्पताल की साफ-सफाई भी ठीक कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केन्द्र पर अधिक से अधिक ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के साथ उनको सुविधाएं देने के निर्देश दिया। इसके बाद जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यायल बकवल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय डीएम ने इस विद्यालय की कक्षा चार की छात्रा एवं छात्र को हिन्दी की पुस्तक पढ़ने को कहा। छात्र हिंदी नहीं पढ़ पाए। विद्यालय पर 33 बच्चे उपस्थित थे तथा जिसमें केवल एक प्रधानाध्यापिका की पोस्टिंग है तथा बीटीसी ट्रेनिंग की छात्राएं बच्चों को पढ़ा रही थी। यहां पर बच्चों द्वारा बताया गया कि खाना की गुणवत्ता अच्छी रहती है।