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किसानों ने मुआवजा नहीं मिलने पर रोका हाईवे का काम

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कोपागंज। फोरलेन निर्माण में मुुआवजा नहीं मिलने पर किसानों ने एक बार फिर कोपागंज थाना क्षेत्र के भदसामानोपुर में मंगलवार की सुबह काम को बंद करा दिया। किसानों द्वारा जबरदस्ती काम बंद कराने की सूचना मिलने पर सदर एसडीएम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जहां कार्यदायी संस्था और किसानों से वार्ता करने के बाद दोनों पक्षों शुक्रवार को जिला मुख्यालय बुला कर मामला हल करने का आश्वासन दिया। साथ ही साथ किसानों की रजामंदी के तहत उनके जमीनों के आगे पीडब्ल्यूडी की जमीन कार्य करने को एनएचएआई को मंजूरी दे दिया। जिसके बाद किसानों का विरोध समाप्त हुआ।
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मंगलवार की सुबह ग्राम सभा भादसामानोपुर में किसान आलोक त्रिपाठी, लल्लन, सुशील,रमाशंकर, कंचन बाल राय, अवधेश राय, ओमप्रकाश, संतोष, ईश्वर चंद, बृजेश चौरसिया आदि किसानों ने एनएचएआई द्वारा कराए जा रहे कार्य को रुकवा दिया। किसानों का कहना था कि उनकी 1.532 हेक्टेयर जमीन जिसे फोरलेन के लिए एनएचएआई द्वारा 3 वर्ष पूर्व अधिग्रहीत किया गया। जिसका मुआवजा 19 करोड़ 82 लाख 27 हजार 705 रुपये भुगतान करना है। लेकिन तीन वर्ष व्यतीत होने के बाद भी किसानों का भुगतान नहीं हुआ। कई बार मुआवजा की मांग को लेकर शिकायत दर्ज कराने के बाद उनका मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। फलस्वरूप मंगलवार की सुबह एनएचएआई के काम को उनके द्वारा रुकवाया गया। इसकी जानकारी एनएचएआई के अधिकारियों को हुई तो एनएचएआई के टेक्निकल मैनेजर नरेंद्र सिंह, डिप्टी टेक्निकल मैनेजर जय प्रताप सिंह और नायाब तहसीलदार शिवराम पुलिस व पीएसी की जवानों के साथ मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी किसानों से बात किया। आक्रोशित किसान इस बात पर अड़े हुए हैं कि जबतक हम लोगों का भुगतान नही किया जाएगा तब तक निर्माण कार्य नही होने देंगे। थोड़ी ही देर में उपजिलाधिकारी सदर निरंकार सिंह मौके पर पहुंच गए और दोनों पक्षों से वार्ता कर दोनों पक्षों को शुक्रवार को जिला मुख्यालय बुला कर मामला हल करने की बात कही साथ ही साथ किसानों की रजामंदी के तहत उनके जमीनों के आगे पीडब्ल्यूडी की जमीन कार्य करने को एनएचएआई को मंजूरी दे दिया। जिसके बाद किसानों ने अपना विरोध समाप्त किया। किसानों के विरोध के चलते तीन घंटे तक काम रुका पड़ा रहा।
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