अदरी स्थित नेशनल इंटर कालेज पर मतदान के लिए लगी लंबी कतार।
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लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण के मतदान में रविवार को घोसी सीट पर वोटरों ने झूमकर वोट डाला। देेर शाम तक 1754 बूथों पर 59.13 फीसदी वोटिंग रही। हालांकि सुबह सात बजे मतदान शुरु होने के बाद कई स्थानों पर ईवीएम ने धोखा दिया। इस दौरान दो स्थानों पर दो घंटे मतदान बाधित रहा। दो गांवों के ग्रामीणों ने वोट का बहिष्कार भी किया गया। शांतिपूर्वक मतदान संपन्न कराने के लिए अधिकारियों के साथ पुलिस की मोबाइल टीम चक्रमण करती रही। इसके बाद भी घोसी विधान सभा के अतरसांवा गांव स्थित बूथ पर फर्जी वोटिंग को लेकर दो पार्टियों के समर्थकों के बीच हाथापाई हुई। हालांकि पुलिस के पहुंचने पर दोनों पक्ष हट गए। लेकिन विवाद का कारण बने होमगार्ड और एजेंट को बूूूथ से हटा दिया गया।
चुनाव मैदान में उतरे 15 प्रत्यायिशों को भाग्य का फैसला रविवार को ईवीएम में कैद हुआ। वैसे तो लोकसभा घोसी में कुल पांच विधान सभाएं आती है।
इसमें चार विधान सभाएं मधुबन, घोसी, मुहम्मदाबाद गोहना, और सदर मऊ विधान सभा तो मऊ में मौजूद है। इसके अलावा पांचवीं विधान सभा बलिया जिले का रसड़ा भी घोसी लोकसभा में समाहित है।
रविवार को जिले के चार विधान सभाओं में मौजूद 1640931 वोटरों में से 60.16 प्रतिशत वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वोटरों की सुविधा के लिए चारो विधानसभाओं में 1754 बूथ बनाए गए थे। इसमें विधान सभा मधुबन में 436 बूथ, घोसी में 454, मुहम्माबाद गोहना में 386 तथा सदर विधान सभा क्षेत्र में 478 बूथ मौजूद हैं। बहुत से स्थानों पर लिस्ट से मतदाताओं का नाम कटा मिला। हालांकि रतनपुरा में एक परिवार धरने पर बैठ गया तो अमिला में लोगों ने प्रदर्शन किया।
मुहम्माबाद गोहना विधान सभा क्षेत्र के सेचुई हरिकेश गांव के कुछ लोगों ने लिस्ट से नाम गायब रहने पर बीएलओ को दो तीन थप्पड़ रसीद दिया। इसके अलावा घोसी विधान सभा के अतरसांवा गांव में फर्जी वोट डालने को लेकर भाजपा और गठंबंधन के सर्मक आपस में भिड़ गए। मतदान संपन्न कराने के लिए करीब 20 हजार जिला और पुलिस प्रशासन के कर्मचारियों की ड्युटी लगाई गई थी। सुबह सबेरे नौ बजे तक जिले में 9.21 फीसदी, 11 बजे तक 20.49 प्रतिशत, 01 बजे तक 37.30 प्रतिशत तो अपराह्न तीन बजे तक 45.65 फीसदी तो पांच बजे तक 52.35 प्रतिशत वोट पड़ा। इसके अलावा शाम को छह बजे के करीब 60. 16 फीसदी वोट पड़ा था। वोटिंग के बाद कर्मचारी ईवीएम को जमा करने के लिए मंडी समिति पहुंचे थे।