तेज धूप और लू से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। अप्रैल के महीने में ही जून जैसी गर्मी महसूस होने लगी है। मंगलवार को लगातार तीसरे दिन अधिकतम तापमान 42 डिग्री रहा। न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हवा की रफ्तार 27 किलोमीटर प्रति घंटा रही। सुबह-शाम भी लोग घरों से बाहर निकलते समय सिर ढककर चल रहे हैं। दोपहर के समय प्रमुख मार्गों पर सन्नाटे की स्थिति रही।
लोग अधिक आवश्यकता होने पर ही बाहर निकल रहे हैं। तापमान बढ़ने से सब्जी की फसलों पर असर पड़ने का खतरा बढ़ गया है। मंगलवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान स्थिर रहा।
सुबह से ही तेज धूप निकली। सुबह नौ बजे ही धूप सहन नहीं हो पा रही थी। सुबह 10 बजे के बाद लोग घरों से बाहर कम निकल रहे हैं, जिससे सड़कों पर सन्नाटे की स्थिति रही। लोग अधिक आवश्यकता होने पर ही बाहर निकल रहे हैं।
भीषण गर्मी को देखते हुए शासन की ओर से आठवीं तक के स्कूलों का संचालन दोपहर 12:30 बजे तक कर दिया गया है। तापमान बढ़ने से सब्जी की फसलों में रोग लगने का खतरा बढ़ गया है।
कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना है। इससे सब्जी की फसलों में कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है। किसान सब्जी के खेतों में नमी बनाए रखें। खेत में नमी न होने पर कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है।