गर्मी और धूप से बचने के लिए एक गमछे का सहारा लेकर नगर क्षेत्र के कलेक्ट्रेट मोड़ से धूप और गर्मी से बचकर अपने घर जातीं महिलाएं।
भीषण गर्मी के बीच बीते सात जून की रात आंधी के साथ हुई बारिश से लोगों को राहत तो मिली, लेकिन इसके बाद पुन: शुरू हुई धूप ने तापमान को उमस में बदल दिया। इसका परिणाम है कि बीते आठ जून से जिले में पड़ रही बेतहाशा गर्मी से जनजीवन बेहाल है। सुबह सूर्योदय होने के साथ ही मानों सूरज आसमान से आग उगलने को आतुर है, दिन भर तेज धूप, बेइंतहां ऊमस और तपन से लोगों का काफी बुरा हाल रहा। शनिवार को दिन में हवा न चलने से गर्मी और भी कष्टकारी रही। भीषण गर्मी से किसान धान की नर्सरी डालने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहें।
यूं तो पिछले तीन दिनों से जिले में काफी गर्मी पड़ रही है। लेकिन शनिवार को पारा चढ़ गया। इस दौरान शनिवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके कारण शनिवार का दिन सबसे अधिक गर्मी का रहा। दिन चढ़ते ही शहर की सड़कें वीरान हो गईं। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले मुंह पर गमछा बांध कर ही निकलने का साहस कर पा रहे थे। दोपहर होते होते शहर की सड़कों पर इक्का दुक्का लोग नजर आ रहे थे। जो लोग सड़क पर निकले भी तो वे जल्दी ही पेड़ों की छांव तलाशते नजर आए।
गर्मी से राहत पाने के लिए किशोर और युवक नदी में नहाने उतर गए। लेकिन ऊमस थी कि कम होने का नाम ही नहीं ले रही थी। गर्मी और तपन का आलम यह रहा कि दुकानों पर कोल्ड ड्रिंक की डिमांड बढ़ गई और लोगों को अपने पसंदीदा कोल्ड ड्रिंक नहीं मिल पा रहे थे। भयावह गर्मी के चलते पंखों की गर्म हवा से लोग तपते रहे। कूलर भी ठंडी हवा की जगह सामान्य हवा ही देते महसूस हुए। डिमांड के चलते बिजली की खपत काफी बढ़ गई जिससे लो वोल्टेज की समस्या अलग से लोगों को पीड़ित करती रही। पशु पक्षी भी भीषण गर्मी से बेहाल रहे।