ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह की हत्या मामले में सुनवाई करते हुए जिला जज सीएम दीक्षित ने शुक्रवार को मामले में पक्षकारों की अंतिम बहस के लिए तीन अगस्त की तिथि तय की है।
इस दौरान सदर विधायक मुख्तार अंसारी को कोर्ट में पेश नहीं हुए। सुरक्षा के मद्देनजर कचहरी परिसर में एएसपी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में काफी संख्या में पुलिस व पीएसी तथा एलआईयू तैनात रही।
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। शहर कोतवाली क्षेत्र के गाजीपुर तिराहा स्थित यूनियन बैंक के पास 29 अगस्त 2009 को ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस दौरान गोली लगने से उनके साथी राजेश राय व चालक शब्बीर अहमद भी घायल हो गए ।
बाद में राजेश राय की भी मौत हो गई। हरेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से साक्ष्य पूरा हो चुके हैं। इसी बीच हरेंद्र सिंह की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगा दी थी। जिसे सुनवाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने 15 जुलाई को निरस्त कर दिया।
शुुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई, इस दौरान मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह तथा अन्य व अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी कपिलदेव राय कोर्ट में उपस्थित हुए। सभी को सर्वोच्च न्यायालय के रोक संबंधी आदेश के निरस्त होने की जानकारी दी गई।
जिला जज ने मामले में फाइनल बहस के लिए तीन अगस्त की तिथि नियत की।
सदर विधायक मुख्तार अंसारी को पेश नहीं किया गया, लेकिन अन्य आरोपी संतोष सिंह, राकेश पांडेय, उमेश सिंह, उपेंद्र सिंह, रजनीश, अनुज, अमरेश आदि कोर्ट में पेश हुए।