कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में मंगलवार को विश्व क्षय रोग दिवस पर आयोजन जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में किया गया। जिलाधिकारी ने 97 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को प्रशस्ति-पत्र एवं महात्मा गांधी की प्रतिमा देकर सम्मानित किया।
100 दिवसीय अभियान एवं टीबी मुक्त भारत एप का शुभारंभ किया गया। बताया गया कि इस अभियान के माध्यम से जनमानस में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाते हुए जोखिम वाले रोगियों को चिन्हित कर उनकी जांच एवं एक्स-रे किया जाएगा। जिन मरीजों में टीबी के बैक्टीरिया पाए जाएंगे, उन्हें तत्काल उपचारित किया जाएगा।
सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने डीएम को बुके देकर स्वागत किया और क्षय रोगियों को मिलने वाली जांच एवं उपचार से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनपद की 645 ग्राम पंचायतों में से 97 ग्राम पंचायतों को वर्ष 2025 में टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इनमें वर्ष 2024 में 16 और वर्ष 2025 में 81 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हुई हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हंसराज सोनी ने बताया कि टीबी मरीजों के लिए एक माह पूर्व माइक्रो प्लान तैयार कर समुदाय में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और दूसरे दिन कैंप का आयोजन किया जा रहा है।
ग्राम प्रधानों से अपील की गई कि वे निक्षय मित्र बनकर इलाज ले रहे मरीजों को गोद लें, ताकि जनपद को टीबी मुक्त बनाया जा सके।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीके यादव ने बताया कि टीबी एक सामाजिक बीमारी है। इसके लक्षण, उपचार और सरकार से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचानी चाहिए।
जिला कार्यक्रम समन्वयक जयदेश यादव ने बताया कि जनपद में संभावित टीबी रोगियों के लिए एक्स-रे मशीन, माइक्रोस्कोपी, ट्रू-नॉट एवं सीबीनाट मशीन संचालित हैं। निजी स्वास्थ्य इकाइयों में इलाज ले रहे मरीजों को भी नि:शुल्क जांच और दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
कार्यक्रम में पशुपतिनाथ, अशोक यादव, वीरेंद्र कुमार वर्मा, प्रमोद कुमार सिंह, बृजेश यादव, संजय मिश्रा, प्रशांत सिंह उपस्थित रहे।