ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह की हत्या के मामले की सुनवाई बुधवार को एडीजे कोर्ट नंबर तीन राजीव गोयल की कोर्ट में हुई। मामले में पक्षकारों की ओर से बहस नहीं की गई। जिसके चलते एडीजे ने बहस के लिए 18 जनवरी की तिथि नियत किया। वही रामसिंह मौर्या की हत्या के मामले की सुनवाई एडीजे कोर्ट नंबर चार डॉ. अजय कुमार की कोर्ट में हुई। जिसमें गवाह हरेंद्र सिंह की आरोपियों की ओर से जिरह की गई। जिरह पूरी नहीं हो सकी। एडीजे ने मामले में जिरह के लिए दो फरवरी की तिथि नियत किया। सदर विधायक मुख्तार अंसारी को जेल से लाकर कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका।
पहला मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह की 29 अगस्त 2009 को गाजीपुर तिराहे के पास गोली मार कर हत्या कर दी गई। इसी दौरान गोली लगने से उनके साथी राजेश राय व चालक शब्बीर घायल हो गए। बाद में राजेश राय की मौत हो गई। हरेंद्र सिंह की तहरीर पर अज्ञात लोगों के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज हुई। जिसमें पुलिस ने विवेचना के बाद सदर विधायक मुख्तार अंसारी सहित 11 लोगों केे आरोपी बनाया गया। मामला एडीजे कोर्ट नंबर तीन राजीव गोयल की कोर्ट में चल रहा है। जिसमें बहस होनी थी।
दूसरा मामला दक्षिणटोला थाना क्षेत्र का है। तत्कालीन एआटीओ कार्यालय के पास 19 मार्च 2010 को ठेकेदार हत्या अजय प्रकाश सिंह की हत्या के मामले के गवाह रामसिंह मौर्या व सुरक्षा में लगा सिपाही सतीश की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अशोक सिंह की तहरीर पर सदर विधायक मुख्तार अंसारी सिंह पांच नामजद व कुछ अज्ञात हत्यारोपियों के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज हुई। जिसमें पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया है। जिसमें जिरह पूरी नहीं हो सकी।अब दो फरवरी की तिथि नियत की गई।