मऊ। नगर सहित जिले के परिषदीय विद्यालयों में छात्र छात्र छात्राओं का गलत नामांकन दिखाना प्रधानाध्यापकों को भारी पड़ सकता है। शासन ने कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं की प्रामाणिक सूचना मांगा है। यह सूचना प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध करानी होगी। ड्रेस, मिड डे मील सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का धन सीधे बच्चों के अभिभावकों के खाते में भेजा जाएगा।
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 1.56 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। तमाम विद्यालयों में प्रधानाध्यापक मनमाने ढंग से बच्चों का नामांकन कर लेते थे। अधिकारियों के निरीक्षण में बच्चों की उपस्थिति कम मिलने पर शिक्षक नया बहाना खोज लेते थे। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से लापरवाह प्रधानाध्यापकों की मनमानी पर शिकंजा कसने के लिए कवायद तेज कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत परिषदीय विद्यालयों के कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं की शासन ने प्रामाणिक सूचना मांगी है। यह सूचना प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध करानी है।
इसी शिक्षा सत्र से ड्रेस, एमडीएम सहित धनराशि सीधे अभिभावकों के खाते में भेजी जानी है। पोर्टल पर मार्च 2021 की विद्यालय की छात्र पंजिका की स्वप्रमाणित प्रति भी अपलोड करनी होगी। विद्यालय की छात्र पंजिका की स्वप्रमाणित प्रति सूचना सही है या गलत इसकी जांच शासन स्तर की टीम रैंडम जांच करेगी। छात्र संख्या में अंतर मिलने पर संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार सिंह का कहना है कि कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं की सूची को प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड कराने के मामले मेें प्रधानाध्यापकों तथा खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।