परिवार परामर्श केंद्र की बैठक रविवार को अपर पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में पुलिस लाइन स्थित मनोरंजन कक्ष में हुई। इसमें 50 पारिवारिक मामले पेश हुए। जिसमें परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से 50 में से 11 मामलों का निस्तारण हो सका, जिनमें अपने शिकवे दूर कर फिर से साथ रहने को राजी हुए।
परामर्श केंद्र में अपर पुलिस अधीक्षक सुनील सिंह के अलावा परामर्श केंद्र के सदस्यगण अर्चना उपाध्याय, विनोद कुमार सिंह, रत्नेश पांडेय, सर्वेश दूबे, रेशमा हासमी, डा. एमए खान, इब्राहिम सेवक, मौलवी अरशद, प्रतिसार निरीक्षक एसके सिंह, महिला दरोगा संतोष सिंह, महिला थानाध्यक्ष रामस्वरुप वर्मा के समक्ष 50 पारिवारिक मामले आए।
जिसमें से परामर्श केंद्र के लोगों के प्रयास से नीतू व अक्षय कुमार, शौकत व शमीमुनिशा, इरशाद व सरवरी खातून, धमेंद्र व गीता ने अपने गीले शिकवे दूर कर साथ-साथ रहने को राजी हो गए। वही फरीदाबानो व अनसारुहक, प्रेमशीला व पवन, पूजा व हंसराज के मामले में दूसरे पक्ष के लगातार अनुपस्थिति के चलते रिपोर्ट दर्ज किए जाने का निर्देश दिया गया।
वही अनिता व ऋषिकेश, सगुप्ता व इजहारुलहक, लक्ष्मीना व राजनाथ, झिनकी व शिवकुमार के मामले का निस्तारिण किया गया। बैठक में परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से कई मामलो में पक्षकार समझौते के लिए राजी हो गए, लेकिन एक अवसर की मांग किया।
तथा कुछ मामलों में दोनों पक्षों के न आने तथा आठ मामलों में किसी पकड़कर उपस्थित न होने के चलते 19 जुलाई व दो अगस्त की तिथि नियत कर दी गई। इस दौरान महिला सिपाही प्रमिला व मृदुला व एचसीपी गंगोत्री शर्मा ने भी परामर्श केंद्र में मामलो को सुलह कराने में अपना योगदान दिया। बैठक में काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।