जीपीएस से लैस नगर पालिका परिषद का वाहन। अमर उजाला
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साफ सफाई के नाम पर निकलने वाली गाड़ियां संबंधित वार्डों में जाकर कचरा उठाती हैं या नहीं इसकी कोई जानकारी नगर पालिका को नहीं मिल पाती थी। सफाई दरोगा की जानकारी पर ही अधिकारियों को निर्भर होना पड़ता था। लेकिन वाहनों के जीपीएस से लैस हो जाने के बाद अब अधिकारी इन वाहनों पर तैनात कर्मचारियों पर नजर रख सकेंगे
दरअसल नगर पालिका की ओर से स्वच्छता अभियान को बेहतर करने के उदेश्य से कचरा गाड़ियों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम यानी जीपीएस लगाया है। जिससे नगर में साफ सफाई बेहतर करने के साथ कचरा वाहन चालकों की मनमानी और नए वार्डो में सही रास्ते की जानकारी और किसी प्रत्याशित घटना या दुर्घटना होने की स्थिति में जीपीएस ट्रैकिंग से मदद के लिए इस्तेमाल किया जा सके।
नगर पालिका द्वारा नगर को 42 वार्डो में विभाजित किया गया है। जहां सफाई के लिए 600 सफाई कर्मचारी 40 कचरा वाहनों की मदद से प्रतिदिन 110 टन से 115 टन कचरा संग्रहित कर उसे चिहिन्त जगहों पर डंप करते है। इसके बाद भी नगर के निजामुदीनपुरा, सहादतपुरा, मुंशीपुरा, चांदमारी इमलिया सहित कई मोहल्ले में कचरा पसरा रहता है। जिसको लेकर आए दिन संबंधित वार्डवासी शिकायत करते रहते हैं। सफाई की समस्या का निस्तारण और सफाई कर्मचारियों की मानीटरिंग करने के उदेश्य से एक सप्ताह पूर्व ही नगर पालिका द्वारा प्रयोग में लाए जा रहे 42 कचरा गाड़ियों में 40 गाड़ियों को जीपीएस प्रणाली से लैस किया गया है। जिसमें नगर पालिका 13 ट्रैक्टर, 14 ऑटो, 2 जेसीबी और 6 लोडर , दो डंफर, 4 कंटनेर पल्सर और 2 हाइड्रोक्लीपर वाहन में सिस्टम लगाया गया है। प्रत्येक वाहन में जीपीएस लगाने में करीब 3500 सौं की राशि खर्च की गई है।