फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार की नीतियों को कोसा

विज्ञापन
नगर के सोनीधापा इंटर कालेज के मैदान से बुधवार को जुलूस निकालते कर्मचारी। - फोटो : mau
विज्ञापन
सेंट्रल ट्रेड यूनियंस अखिल भारतीय औद्योगिक एवं कर्मचारी फेडरेशनों के संयुक्त आह्वान पर बुधवार को दूसरे दिन भी राज्यकर्मचारी हड़ताल पर रहें। इस दौरान बैंकिंग, बीमा, डाक तार सहित राज्य सरकार के 32 विभागों के कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया। पुरानी पेंशन बहाली सहित 17 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल के चलते बैंकों के ताले नहीं खुले ओर दफ्तरों में काम काज नहीं हुआ। हड़ताल से जिले में 60 करोड़ का लेन देन प्रभावित हुआ। वहीं, हड़ताली कर्मचारियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों को कोसा।
विज्ञापन

 
 शहर से पैदल मार्च निकालकर हड़ताली कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रतिष्ठानों के सामने कर्मचारियों ने एकत्रित होकर सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। हड़ताली कर्मचारी सुबह सोनी धापा मैदान पहुंचे। वहां से हजारो श्रमिक कर्मचारियों का जुलूस मांगो के समर्थन में नारे लगाते हुए मार्च करते हुए निकले। वामपंथी दलो एंव संगठनों ने भी बाल निकेतन मोेड पर भारी संख्या में मजदूर विरोधी नीतियों, पूंजीपतियों के पक्ष में कानूनो में किए जा रहे बदलाव, रोजगार विहीन औद्योगिक नीतियों तथा बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने मे सरकार की नाकामी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। आंगनबाडी एंव आशा महिला कर्मी भी मार्च में शामिल हुईं। हड़ताल में बैंक, बीमा, एलआईसी, डाकघर, एनआईसी, बिजली, बीएसएनएल, स्वास्थ्य, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, विकास भवन, पंचायती राज , कलेक्ट्रेट के साथ विद्युत कर्मचारी मोर्चा संघ के कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया। इसके चलते इन कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। सूर्यदेव पांडेय के अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट पर सभा किया। कर्मचारी नेताओं ने न्यूनतम वेतन 18000 रुपये करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, श्रम कानूनों में परिवर्तन न करने, सार्वजनिक क्षेत्र के अंधाधुंध निजीकरण पर रोक लगाने आदि 17 सूत्री मांगों को उप्रराज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष अशोक राम ने नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।

सभा में पूर्व विधायक इम्तेयाज अहमद, रामअवतार सिंह, उप्र राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष रामाश्रय यादव, पीडब्लूडी श्रमिक संघ के अजय सिंह,  विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन उप्र के महामंत्री मनोज कुमार सिंह, आंगनबाडी कार्यकर्ता किताबुन्निशा, एटक नेता संजय कुमार, बीना राय, उत्तर प्रदेश बैंक इम्पलाइज यूनियन के मंत्री बालाजी मोदी, चीनी मिल मजदूर यूनियन के सीटू नेता शिवाकान्त मिश्र, आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन की अध्यक्ष पूनम यादव, कंचन राय आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें