कलेक्ट्रेट पर प्रेसवार्ता को संबोधित करते उ0प्र0 व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष मनीष गुप्त?
- फोटो : MAU
मऊ। प्रदेश की भाजपा सरकार ने वैसे तो सभी वर्गों के लिए काम किया है, लेकिन व्यापारियों और किसानों के हित में और भी बेहतर कदम उठाई। जबकि पूर्व की सरकारों में प्रदेश का व्यापार नष्ट होने के कगार पर पहुंच गया था। तमाम योजनाओं को लागू कर सरकार ने प्रदेश में व्यापार को संजीवनी देने का काम किया है। उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष मनीष गुप्ता ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए कहा।
मनीष गुप्ता ने कहा कि विदेशों से आने वाले सामानों में अधिकांश ऐसे सामान थे जो मानव समाज के लिए हानिकारक थे, उदाहरण के लिए प्लास्टिक के बने चावल, अंडे आदि चोरी से लाए जाते थे। इस चोरी ने प्रदेश के व्यापार को प्रभावित कर दिया था। इन पर सरकार ने सख्ती दिखाई। कहा कि सरकार ने फूड प्रोडक्ट यूनिट का गठन कर यूनिट लगाए जाने पर 70% अनुदान देने की व्यवस्था की है। इस अनुदान में 35% केंद्र तथा 35% प्रदेश सरकार की भागीदारी होगी। बोले कि व्यापार में बाधक बन रही बिजली के उत्पाद को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इस क्रम में सरकार सौर ऊर्जा का प्लांट लगाने पर जोर दे रही है। प्रदेश सरकार आम के बाग लगाने और मत्स्य पालन के लिए भी अनुदान दे रही है, मत्स्य पालन की लागत का 50% सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान किया गया है। उत्तर प्रदेश व्यापारिक कल्याण बोर्ड की तरफ से छोटे व्यापारियों को मुफ्त किट उपलब्ध कराने और उन्हें मुफ्त प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था की गई है। इस योजना के तहत एक लाख नौजवानों को रोजगार देने की मंशा है। व्यापारी किसानों की यदि मंडी जाने के दौरान होने वाली दुर्घटना और नुकसान की भरपाई भी सरकार करने के लिए योजना चलाई है। इसमें नुकसान होने पर दो लाख रुपये तक का तथा मौत होने पर दस लाख रुपये तक मुआवजा देने का प्राविधान है। सरकार की योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सरकार संकल्पित है।