मऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों में खेलकूद को बढावा देने के लिए खेल सामग्रियों की खरीद में व्यापक पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है। खंड शिक्षा अधिकारियों की जांच आख्या पर बीएसए ने तीन प्रधानाध्यापकों को निलंबित कर दिया। इससे शिक्षकों में हड़कंप है।
जिले के परिषदीय प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए विभाग की तरफ से बजट जारी किया गया। प्राथमिक विद्यालयों को पांच हजार तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों को 10 हजार रुपया जारी किया गया था। कई परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों द्वारा व्यापक पैमाने पर अनियमितता बरती गई है। शिकायत मिलने पर बीएसए ओपी त्रिपाठी ने खंड शिक्षा अधिकारी रतनपुरा को प्राथमिक विद्यालय पीपरसाथ, प्राथमिक विद्यालय खूंटी की जांच किया। जांच में वित्तीय अनियमितता मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी ने निलंबन की संस्तुति किया। जांच रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने प्राथमिक विद्यालय खूंटी के प्रधानाध्यापक शैलेंद्र कुमार यादव, कंपोजिट विद्यालय पीपरसाथ के प्रधानाध्यापक पुष्पा देवी को निलंबित कर दिया। इसी क्रम में फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के जवाहिरपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय जवाहिरपुर के प्रधानाध्यापक मुहम्मद आरिफ के खिलाफ तमाम शिकायतें मिली थी। बीएसए ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खंड शिक्षा अधिकारी फतहपुर मंडाव को जांच करने का निर्देश दिया। खंड शिक्षा अधिकारी की जांच में सभी आरोप सही पाया गया। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधानाध्यापक मुहम्मद आरिफ को निलंबित कर दिया। इस बाबत बीएसए ओपी त्रिपाठी का कहना है कि कार्य में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निलंबित प्रधानाध्यापकों को मूल विद्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।