नवरात्र के षष्ठी पर जहां मां कात्यायनी की पूजा कर श्रद्धालुओं ने अपने दिन की शुरूआत की, वहीं देर शाम को नगर क्षेत्र में बने पंडालों में मां की प्रतिमा को स्थापित किया गया। इस दौरान पंडाल से लेकर पूरा क्षेत्र मां के जयकारे से गूंज उठा। देर रात पूजा-अर्चन के बाद मां दुर्गा के दरबार का कपाट भी दर्शन के लिए खोल दिया गया।
शहर में विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों की ओर से तरह-तरह के आकर्षक पंडाल बनाए हैं। पंडालों को और भी आकर्षक बनाने के लिए रंगबिरंगी लाइटिंग कराई गई है। पंडालों को देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जैसे एकदम सजीव हो। मां का दर्शन और पंडालों की सजावट को देखने के लिए घरों से निकले। देर रात सड़क पर चहल पहल रही। इस दौरान सुरक्षा के बाबत हर पंडाल पर होमगार्ड और पुलिसकर्मियों के अलावा शहर के कई संवेदनशील स्थलों पर पुलिस फोर्स की काफी तैनाती रही।
नगर क्षेत्र में मिर्जाहादीपुरा में भारतीय समाज कल्याण समिति के तत्वावधान में टाट और बांस से मां के सुंदर मंदिर के स्वरूप का पंडाल बनाया गया है। वहीं नगर क्षेत्र के छेदापुरा में समिति द्वारा आकर्षक पंडाल बनाया गया है। इसके साथ साथ नगर क्षेत्र के भीटी बहादुरगंज मोड़ पर भी आदर्श दुर्गा पूजन समारोह समिति द्वारा आकर्षक पंडाल बनाया गया है।
नगर क्षेत्र के औरंगाबाद में मां दुर्गा पंडाल पर मां दुर्गा के कपाट पूजन अर्चन के बाद भक्तों के लिए खोले गए। वहीं नगर क्षेत्र के भीटी स्थित अंधा मोड़ पर भी सजाए गए पंडाल में मां का कपाट भक्तों के लिए पूजन अर्चन के बाद खोला गया।वहीं शहर के कई पंडालों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा को पूजन अर्चन के बाद उनके कपाट को खोला गया।