दशहरा के दूसरे दिन मोहर्रम पड़ने पर प्रशासन एलर्ट है। जिले में कुल 385 स्थानों से ताजिए निकाले जाएंगे। जिले के विभिन्न स्थानों से ताजिए निकाले जाने के लिए ताजियेदार कमेटी की बैठक भी संपन्न हो चुकी है। प्रशासन का दावा है कि कहीं भी ताजिया निकाले जाने के लिए रास्ते या किसी भी प्रकार का कोई विवाद नहीं है। विवादों का निस्तारण कई बार की बैठक बुलाने के बाद कर लिया गया है। सुरक्षा को लेकर भारी संख्या में फोर्स की व्यवस्था की गई है।
जिले में मोहर्रम शांतिपूर्ण वातावरण में मनाया जाता है। नगर सहित घोसी, कोपागंज, मुहम्मदाबाद गोहना, वलीदपुर, खैराबाद, रतनपुरा, खुरहट, शेखअहमदपुर, धर्मसीपुर, फतहपुर मंडाव, मधुबन, हलधरपुर, अदरी, इंदारा आदि स्थानों से ताजिया निकाला जाता है। नगर, घोसी, कोपागंज, खैराबाद, खुरहट आदि का ताजिया काफी आकर्षक होती है। ताजिया को कर्बला तक ले जाते समय नारे लगाए जाते हैं। इससे पूरा माहौल गमगीन हो जाता है।
इस पर सुरक्षा को लेकर इस बार प्रशासन पूरी तरह से एलर्ट है। मोहर्रम के लिए छह अपर पुलिस अधीक्षक, 24 पुलिस उपाधीक्षक, 50 निरीक्षक, 250 उप निरीक्षक, 600 मुख्य आरक्षी, 1800 आरक्षी, 10 महिला उप निरीक्षक, 100 महिला आरक्षी, 50 यातायात आरक्षी, 30 वायरलेस आपरेटर के साथ ही 50 सीसीटीवी कैमरा की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा ड्रोन कैमरा, चार बम डिस्पोजल स्क्वाएड, चार एंटी सैबोटाज स्क्वाएड, छह कंपनी पीएसी, तीन कंपनी आरएफ को अपर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह एवं जनपद के सभी क्षेत्राधिकारियों के नेतृत्व में तैनात किया जाएगा।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीना का कहना है कि मोहर्रम को संपन्न कराने को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। कहीं भी किसी प्रकार के अराजकतत्व अगर गड़बड़ी फैलाने की कोशिश करते हैं तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी ताजिएदार कमेटियों की बैठक कर सभी विवादों को सुलझा भी लिया गया है। कोई भी नई परंपरा का निर्वहन नहीं होगा। परंपरागत ढंग से मोहर्रम का त्योहार संपन्न कराया जाएगा।