देवी दुर्गा की पूजा पर्व के दूसरे दिन गुरुवार को दुर्गा मंदिरों में तीसरे स्वरुप तृतीय चंद्रघंटा की आराधना की गई। मां दुर्गा की पूजा के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं का देर शाम तक तांता लगा रहा। तड़के से ही मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार देखी गई। नवरात्र के दूसरे दिन नगर के शीतला माता धाम, आजमगढ़ मोड़ स्थित मां सिद्घेश्वरी मंदिर, वनदेवी धाम, निधियांव गांव का अष्टभुजी मंदिर, मांदी सिपाह स्थित मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों मेें मां दुर्गा के तीसरे स्वरुप तृतीय चंद्रघंटा की पूजा के लिए तड़के से ही भक्तों का रेला लगा रहा। इस बार बुधवार को ही नवरात्र की प्रथमा और द्वितीया होने से देवी के प्रथम रुप शैलपुत्री और द्वितीय रुप ब्रह्मचारिणी की पूजा हुई थी।
इसीक्रम में शीतला माता धाम में देवी मां का पूजन-अर्चन करने के लिए सुबह से ही भक्त लाइन में खड़े थे। लाइन में खड़े लोग माता की जय-जयकार का उद्घोष कर रहे थे। पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो देवी के जयकारे से गूंजायमान हो रहा था। जबकि यही स्थिति वन देवी धाम की थी। यहां भी मां का पूजन अर्चन के लिए लंबी कतार लगी थी। धूप होने के बाद भी मां का दर्शन पूजन करने के लिए लोग डटें नजर आ रहे थे। लाइन में खड़े भक्त प्रतीक्षा करने के बाद जब मां के समीप पूजन अर्चन करने पहुंचे तो वे अपने को धन्य समझ रहेे थे। मान्यता है कि मां दुर्गा चंद्रघंटा के रूप में मंदिरों में विराजमान होती हैं।
वलीदपुर संवाददाता के अनुसार नवरात्र के दूसरे दिन गुरुवार को नगर पंचायत वलीदपुर और मुहम्मदाबाद गोहना सहित कस्बे के मोहल्ला चौक स्थित कोट देवी मंदिर और माधवदास संघत सहित अन्य दुर्गा मंदिरों में भक्त पूजा किए। इसीक्रम में उदासीन ऋषि आश्रम में आश्रम के संयोजक मनोहर दास के नेतृत्व में वृंदावन मथुरा से पधारे पंडित द्वारा 9 दिन के कलश स्थापित होने के बाद दूसरे दिन मां दुर्गा के रूप में माता ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा उपासना के बाद हवन और प्रसाद श्रद्धालुओं में बांटे गए। इस मौके पर बाबा अयोध्या दास पवन कुमार मुन्ना रितेश चौरसिया अशोक सेठ पतरी सेठ सूरज कुमार मानिक खन्ना आदि भक्तगण मौजूद रहे।