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खतरे के निशान से ऊपर पहुंची घाघरा नदी

Fri, 22 Jul 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
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बाढ़
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घाघरा के जलस्तर में वृद्धि की तेज रफ्तार जारी रहने से तटवर्ती इलाके के लोगों को नदी के तबाही मचाने की चिंता सताने लगी है। गुरुवार को नदी के जल स्तर में 15 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी खतरा बिंदु के पांच मीटर ऊपर पर बह रही थी। नदी के खतरा बिंदु पार करने से  तटवर्ती इलाके  के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी है।
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नदी के उग्र होने के आसार से लोगों की नींद उड़ गई है। बाढ़ का पानी गांवों के खेतों में पहुंचने लगा है।  दर्जनों तटवर्ती इलाकों में धान की रोपाई हो चुकी है। किसानों को फसल डूबने का भय सताने लगा है। नदी के जलस्तर पर नजर  जाए तो  गुरुवार को नदी के जलस्तर में 15 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी का जलस्तर 69.95 मीटर  पर पहुंच गया। बुधवार को जल स्तर  69.80 मीटर रहा। नदी खतरे के निशान से  मात्र पांच सेमी नीचे बह रही थी। जबकि गौरीशंकर घाट पर खतरे का  निशान 69.90 मीटर  आका गया है।


अगर नदी के जलस्तर में वृद्धि  जारी रहने से कस्बेवासियों की चिंता बढ़ती ही जा रही है। नदी के   रौद्र रुप धारण करने से  एतिहासिक धरोहरे मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर,   दुर्गा मंदिर,  लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, शाही मस्जिद, हनुमान   मंदिर, डीह बाबा का मंदिर आदि का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। वहीं कस्बा   सहित धनौली रामपुर, नईबाजार, चिऊंटीडांड़, नौली, बहादुरपुर,  पतनई सरया,   गोधनी ठाकुर गांव, ताहिरपुर सहित दर्जनों तटवर्ती इलाके के लोग चैन से सो नहीं पा रहे हैं।
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