मऊ। जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड को चालू करने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आइसोलेशन वार्ड चालू होने से संक्रमित मरीजों को काफी सहूलियत होगी। उन्हें निजी अस्पतालों में नहीं भटकना पड़ेगा।
बीते वर्ष मार्च में कोरोना संक्रमण के दौरान जिला अस्पताल परिसर में बने हुए बर्न यूनिट भवन को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील किया गया था। वार्ड में भर्ती होने वाले संदिग्ध मरीजों के लिए तीन वेंटीलेटर खरीदे गए। हालांकि वेंटिलेटर चालू नहीं हो सके। अब दूसरी लहर में मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होने से आक्सीजन की सुविधा वाले बड़े निजी अस्पतालों में जगह नहीं है। ऐसे में जिला अस्पताल में बने तीन वेंटिलेटर, आक्सीजन सप्लाई और सबसे अलग बने आईसोलेशन वार्ड को चालू कर उसमें नान कोविड मरीज या संदिग्ध मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा सकता है। अभी निजी अस्पतालों में भर्ती न किए जाने से मरीज सरकारी अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं कहीं आक्सीजन नहीं मिलने की शिकायतें आ रही हैं। ऐसे में पूर्व की भांति अलग से मेडिकल टीम का गठन कर आइसोलेशन वार्ड को चालू किया जाए तो मरीजों को राहत मिलेगी। आईसोलेशन वार्ड चालू होने से 20 मरीजों को भर्ती किया जा सकता है। इससे काफी हद तक संदिग्ध मरीजों को सहूलियत होगी।
आइसोलेशन वार्ड शुरू कराने के लिए जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। इस दौरान आक्सीजन की व्यवस्था के साथ संदिग्ध मरीज या नान कोविड मरीज की इलाज के लिए सीएमएस से जानकारी लेकर आइसोलेशन वार्ड शुरू कराने की बात कही गई है।-डॉ. सतीशचंद्र सिंह, सीएमओ मऊ।