मुहम्मदाबाद गोहना। नगरों में साफ-सफाई और शहर को स्वच्छ रखने की योजना यूपी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। बावजूद इसके नगर पंचायत में साफ-सफाई की व्यवस्था बेपटरी होती जा रही है। नगर से रोजाना निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए डंपिंग ग्राउंड की योजना अभी भी कागजी बनकर रह गई है। मुहम्मदाबाद गोहना नगर पंचायत में डंपिंग ग्राउंड न होने से रोजाना निकलने वाला 10 टन से अधिक कचरा नगर क्षेत्र के विभिन्न रास्तों और सार्वजनिक स्थानों पर फेंका जाता है। इससे हमेशा बदबू फैलती है। संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
मुहम्मदाबाद गोहना नगर पंचायत की आबादी 60 हजार और यहां 18 वार्ड है। साफ-सफाई के दौरान रोजाना नगर पंचायत की गाड़ियां विभिन्न मोहल्ले और वॉर्डों से कूड़ा उठाती है। लेकिन निस्तारण के लिए कोई स्थान न होने से कस्बे के विभिन्न रास्तों, सड़कों और तमसा नदी किनारे बने बांध पर फेंक कर चली जाती हैं। आम रास्ते पर कूड़ा फेंकने से हमेशा छुट्टा जानवरों की आमद से बदबू फैलती है। आने जाने वाले राहगीरों को काफी परेशानियां उठानी पड़ती है। डंपिंग ग्राउंड के लिए शासन का निर्देश होने के बाद भी नगर के कूड़ा निस्तारण के लिए डंपिंग ग्राउंड की व्यवस्था नहीं हो सकी है। घोसी रोड के किनारे दोनों तरफ तमसा नदी बांध पर यहां वहां कूड़ा फेंका जाता है। जिससे वहां बदबू आती है और स्थानीय लोगों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है।
कोट
डंपिंग ग्राउंड के लिए काफी दिनों से जमीन तलाशी जा रही है, लेकिन शासन के गाइडलाइन के अनुसार जमीन नहीं मिल रही है। शासन का निर्देश है कि आबादी से दूर और आने-जानेवाले सुलभ रास्ते पर ही डंपिंग ग्राउंड का निर्माण कराया जाना है। ग्राउंड के आसपास नदी तालाब पोखरा और आबादी नहीं होना चाहिए। इस बीच जमीनों का दाम बढ़ जाने से सुविधानुसार जमीन नहीं मिल पा रही है।
देवेश मिश्रा, अधिशासी अधिकारी
नगर पंचायत मुहम्मदाबादगोहना