रतनपुरा ब्लॉक क्षेत्र के विभिन्न गांवों में स्थापित कूड़ा निस्तारण केंद्र महज शोपीस बनकर रह गए हैं। गांवों में कूड़े के ढेर लगे रहते हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
गांवों में स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से क्षेत्र के कुडसर, गाढ़ा, इटैली, दतौड़ा, नंगवा, गुलौरी, नसीराबाद कला, मेउड़ी कला, लसरा, बीबीपुर, सिधवल सहित 41 ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाए गए हैं।
गाढ़ा, पीपरसाथ, नसीराबाद कला, बिलौझा, मेउड़ी कला, साहुपुरा, मुस्तफाबाद, जमदरा सहित 18 ग्राम पंचायतों में कूड़ा ढोने के लिए ई-रिक्शा खरीदे गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण केंद्रों तक कूड़ा नहीं पहुंच रहा है, बल्कि आसपास के इलाकों में ही कूड़ा फेंका जा रहा है।
कूड़ा संग्रहण या निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इन केंद्रों को जल्द संचालित करने और नियमित कूड़ा उठाने की व्यवस्था करने की मांग की है।
इस बाबत खंड विकास अधिकारी विवेक सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायतों में बने कूड़ा निस्तारण केंद्रों में कूड़ा न रखने का मामला संज्ञान में नहीं है। मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।