जिलाधिकारी के अनुमोदन पर जेल में बंद सात हत्यारोपियों के विरुद्ध पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की है। प्रदीप यादव, गोल्डन कुमार उर्फ बमबम, अमन सिंह, मृत्युंजय राजभर, विवेक कश्यप, अरुण राजभर उर्फ दाढ़ी सुपारी लेकर रानीपुर थाना क्षेत्र के पिरुवां निवासी राजेश सिंह उर्फ मंटू (45) की हत्या में आरोपी हैं।
वर्तमान में राजेश यादव और प्रदीप यादव जमानत पर जेल से बाहर हैं, अन्य सभी जेल में बंद हैं। इस मामले में मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। पिरुवां निवासी राजेश यादव पर सुपारी देकर हत्या का आरोप है। आरोप था कि राजेश यादव की पत्नी से राजेश सिंह उर्फ मंटू का संबंध था। इसी कारण उसने बदमाशों को सुपारी देकर हत्या कराई थी।
पुलिस जांच में पता चला कि सरगना गाजीपुर के मरदह थाना क्षेत्र के नखतपुर निवासी प्रदीप यादव ने गैंग के सदस्य रानीपुर थाना क्षेत्र के रामबन काझा निवासी गोल्डन कुमार उर्फ बमबम, मिर्जापुर गांव निवासी अमन सिंह, मृत्युंजय राजभर, अरुण राजभर, काझा निवासी विवेक कश्यप, पिरुवां निवासी राजेश यादव ने षड्यंत्र करके हत्या करने का एक संगठित आपराधिक सक्रिय गिरोह स्थापित किया है।
26 अक्तूबर 2025 की शाम काझा बाजार से छठ पूजा का सामान लेकर घर लौट रहे थे। तभी लखनुआडीह गांव के पास बाइक सवार बदमाशों ने पीछे से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। पत्नी रीता सिंह की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की और जांच शुरू की।
आसपास के सीसीटीवी कैमरे और पुरानी रंजिश के एंगल पर छानबीन के दौरान कुछ बदमाशों को ट्रैक किया और बारी-बारी से गिरफ्तारी शुरू की। 7 नवंबर 2025 को पुलिस ने गोल्डन कुमार उर्फ बमबम, अमन सिंह और सरायलखंसी के पिपरीडीह ताजपुर मठिया निवासी रौनक खरवार उर्फ बंटी को गिरफ्तार कर लिया।
इन्हीं ने मुख्य आरोपियों के नाम का खुलासा किया था। इन्हीं तीनों ने राजेश सिंह के आने-जाने की रेकी की थी। 9 नवंबर 2025 को असलपुर गांव के पास से पुलिस ने विवेक कश्यप और मृत्युंजय को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने बीते 17 जनवरी को न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया था। बीते 17 मार्च को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त बैठक कर इन अपराधियों का गैंगचार्ट अनुमोदित किया।
विवेक और मृत्युंजय ने चलाई थी गोली
आरोप था कि विवेक और मृत्युंजय ने गोली मारकर राजेश सिंह की हत्या की थी। दोनों के विरुद्ध चोरी और लूट जैसे छोटे अपराध करते-करते सुपारी किलर बन गए। दोनों के खिलाफ रानीपुर और चिरैयाकोट थाने में पहले से प्राथमिकी दर्ज थी। पुलिस ने मृत्युंजय पर वर्ष 2023 में और विवेक के खिलाफ वर्ष 2024 में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की। बावजूद इसके, इनकी आपराधिक गतिविधियां नहीं रुकीं। इन्होंने छोटे-बड़े कई वारदातों को अंजाम दिया। विवेक गोंड के खिलाफ रानीपुर थाने में दो और चिरैयाकोट थाने में दो मामले दर्ज हैं, जबकि मृत्युंजय के खिलाफ रानीपुर थाने में सात मामले दर्ज हैं।
नाबालिग होने के कारण गैंगचार्ट से निकाला गया नाम
सरायलखंसी थाना क्षेत्र के ताजपुर मठिया पिपरीडीह निवासी अभियुक्त रौनक खरवार उर्फ बंटी के हाईस्कूल के अंकपत्र व अन्य संलग्नक प्रमाण पत्रों से जन्मतिथि 26 जनवरी 2008 प्रमाणित हुई। प्राथमिकी और घटना के समय पर रौनक की उम्र 17 वर्ष 9 महीने थी, जिसके चलते उसका नाम गैंगचार्ट में शामिल नहीं किया गया।
जिलाधिकारी के अनुमोदन पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है। इनमें से प्रदीप और राजेश जमानत पर जेल से बाहर हैं। मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है।
- प्रमोद कुमार, थानाध्यक्ष, रानीपुर