मऊ नगर स्थित ब्रह्मस्थान मंदिर स्थित ब्रह्मसरोवर तट पर गंगासमग्र और सेवाभारती के तत्वावधान में छठ की पूर्व संध्या पर गंगाआरती का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों ने गंगा की आरती में भाग लिया। गंगा समग्र के जिला प्रमुख संयोजक श्रीनिवास राय ने बताया कि गंगा समग्र का उद्देश्य ,गंगा जी एवं अन्य सहायक नदियों की अविरलता और निर्मलता के लिए एक समर्पित संगठन है, जो इस कार्य के लिए अनेक प्रकार से कार्य कर रहा है।
पूरे जनपद में छठ की छटा देखने को मिल रही है। पर्व से पहले गंगा आरती की गई और गंगा स्वच्छता का संदेश दिया गया। अपील की गई कि अपने ग्राम और मुहल्ले में प्लास्टिक आदि प्रकार के कचरे को एकत्रित करने के लिए किसी पात्र की व्यवस्था करें। जिससे की वो जल स्रोत में न जाएं। क्योंकि बरसात में ये सब बहकर गंगा और उसकी सहायक नदियों और तालाबों में ही जाते हैं, आज गंगा जी, उन 10 नदियों में आती है जिनके माध्यम से समुद्र में प्लास्टिक कचरा 93 प्रतिशत पहुंचता है।खेतों में यूरिया और डाई डालने के कारण विभिन्न जल स्रोतों में नाइट्रोजन और पोटाश पहुंच रहा है।
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जिससे जलकुंभी बढ़ रही है और बरसात में बह कर वो गंगाजी में ही आती है। सभी लोग जैविक खेती को प्रोत्साहन दें। गंगा समग्र मऊ के विधि प्रमुख रुद्र प्रताप ने बताया कि मां गंगा आरती गंगाजी हमारी मां हैं। और हम सभी उनके संतान हैं। आइए मां गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए हम पुनः भगीरथ बनें। गंगा को साफ़ रखने के लिए लोगों को जागरूक करना पौधे लगाना।गंगा किनारे जैविक खेती को बढ़ावा देना। नदियों से अवैध उत्खनन पर रोक लगाना। गंगा को मां का दर्जा देकर उसे भारत के जीवन और संस्कृति का अभिन्न अंग माना जाना।
नदी के संरक्षण, प्रदूषण को कम करने, और कायाकल्प के लिए शुरू किया गया था। गंगा के कायाकल्प के लिए दुनिया भर में उपलब्ध सर्वोत्तम ज्ञान और संसाधनों का इस्तेमाल करने का प्रयास करता है। जिससे की समाज में और लोगों की मन:स्थिति में माँ गंगा की अविरल गंगा निर्मल गंगा की छवि बने और लोग इस आरती के माध्यम से जनपद स्तर के नदी, पोखरों और तालाबों में आरती की शुरुआत करें, जिससे की आरती के साथ-साथ स्वच्छता और साफ-सफाई के प्रति अपनी खुद की जिम्मेदारी को समझें और अपने स्थानीय स्तर पर अपना योगदान करें।