संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से इंटरमीडिएट और बीएड की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी करने वाले चार शिक्षकों को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शुक्रवार को बर्खास्त कर उनके विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश जारी किया। बर्खास्त किए गए सभी शिक्षक 15 वर्ष पूर्व वर्ष 2005 में विशिष्ठ बीटीसी के तहत भर्ती हुए थे।
वर्तमान में सभी पदोन्नति कर प्रधानाध्यापक बने थे। बर्खास्त किए गए शिक्षकों में हरिश कुमार वर्तमान में फतेहपुर मंडाव ब्लाक स्थित प्राथमिक विद्यालय मुड़ाडार मनियर पर, ओमप्रकाश भारती दरौधा माधवपुर, अश्वनी कुमार यादव मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कुतुबपुर में बतौर प्रधानाध्यापक तैनात थे। जबकि जयराम यादव उच्च प्राथमिक विद्यालय दरौधा माधवपुर में बतौर सहायक अध्यापक तैनात रहें। बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने बताया कि तीन माह पूर्व एक रजिस्टर्ड डाक से चारों शिक्षकों की शिकायतें मिली थी। शिकायत करने वाले ने सभी की डिग्रियों को फर्जी बताया। इस आधार पर स्पेशल टीम से इसकी जांच कराई गई।
जांच में हरिंद्र कुमार, ओमप्रकाश और जयराम यादव की संर्पूणानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से जारी स्नातक और बीएड की डिग्रियां फर्जी मिली। वहीं, अश्वनी कुमार यादव ने इंटरमीडिएट और स्नातक का फर्जी मार्कशीट लगाकर 2005 में विशिष्ट बीटीसी के तहत नौकरी प्राप्त किया था। जांच आख्या आने पर शुक्रवार को चारों शिक्षकों को बर्खास्त करने के साथ उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई कराने का आदेश संबंधित ब्लाकों के खंड शिक्षाधिकारियों को दिया गया है। आदेश में बीएसए ने स्पष्ट किया कि सभी शिक्षकों से उन्हे 15 वर्षो में दिए गए वेतन की रिकवरी भी की जाए।