मऊ जिले के विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी ठेकेदारों को प्रश्रय देने और उनको लाभ पहुंचाने के आरोप में पीडब्ल्यूडी के चार कर्मचारियों का प्रमुख सचिव पीडब्लूडी ने गैर जनपद के लिए तबादला कर दिया है। निर्माण खंड और प्रांतीय खंड में कार्यरत इन कर्मचारियों के बारे में बीते दिनों डीएम को शिकायत मिली थी।
कर्मचारियों पर आरोप है कि हाल ही में टेंडर में कुछ ठेकेदारों को भाग लेने से रोकने की साजिश में उन्हें फर्जी बैंक एकाउंट नंबर जारी किए। इससे चाहकर सभी ठेकेदार टेंडर प्रकिया में भाग नहीं ले सके, क्योंकि ठेकेदारों ने जिस खाते में सिक्योरिटी मनी जमा की थी वह खाता गलत था। इसके अलावा आरोप था कि कर्मचारियों की मुख्तार के गैंग से सांठगांठ है।
इस शिकायत को जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने गंभीरता से लेकर शासन को इस संबंध में डीओ लेटर भेजा। इस लेटर में डीएम ने चारों कर्मचारियों के मुख्तार अंसारी से सांठगांठ कर अनियमित कार्य करने की रिपोर्ट भेजी थी। इस आधार पर प्रमुख अभियंता पीडब्ल्यूडी ने प्रांतीय खंड के प्रशासनिक अधिकारी रेयाज अहमद का श्रावस्ती (भिनगा), उर्दू अनुवादक नाहिद कमाल पाशा का बलरामपुर , निर्माण खंड के प्रशासनिक अधिकारी तारकेश्वर सिंह का बहराइच , वरिष्ठ सहायक शमीम आलम खां का देवरिया तबादला कर दिया है।
प्रमुख अभियंता ने इन चारों का स्थानांतरण आदेश 18 अगस्त को जारी कर दिया था। बृहस्पतिवार को इन चारों को कार्यमुक्त कर दिया गया। इस बाबत जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि अपने चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुँचाने के साथ माफियाओं को संरक्षण देने का कार्य ये कर्मचारी कर रहे थे। जानकारी होने पर इनके विरुद्ध शासन को डीओ लेटर भेजा गया था।मु. शमीम सहित चारों पर 2010 में ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था।