विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट छागुर राम ने गैरइरादतन हत्या के प्रयास, मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने, गाली-गलौज व धमकी देने के मामले में नामजद पिता-पुत्र जैराम व रामसमुझ सहित चार लोगों को दोषी पाया।
सभी को पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास तथा कुल 12-12 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड न देने पर एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला थाना रानीपुर क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार, भुसुवां ओरही गांव निवासी रामअशीष की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें गांव के ही जैराम, ढुक्कु यादव उर्फ कालिका, सुरेंद्र यादव उर्फ सूरन यादव और रामसमुझ उर्फ समुझ पुत्र जैराम को नामजद किया गया था।
वादी का कथन है कि 30 मार्च 2013 को पूर्वाह्न 11:30 बजे पानी डालने से मना करने पर आरोपियों ने उसकी पत्नी कमलावती व भाभी चंद्रावती देवी को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया तथा गाली-गलौज व धमकी दी। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने सात गवाहों को पेश कर पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने आरोप लगाया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सभी आरोपियों को दोषी पाया। दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने गैरइरादतन हत्या के प्रयास व गंभीर चोट के मामले में प्रत्येक को पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास तथा 5-5 हजार रुपये अर्थदंड, मारपीट व गाली-गलौज के मामले में छह-छह माह का कारावास तथा 5-5 हजार रुपये अर्थदंड, और धमकी देने के मामले में एक-एक वर्ष का कारावास तथा 1-1 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।