शहर के बाल निकेतन रेलवे क्रॉसिंग पर बनने वाले फोरलेन आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। शासन स्तर से निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में 21 करोड़ की धरनाशि स्वीकृत की है। इसमें अधिग्रहीत की गई जमीनों का मुआवजा दिया जाएगा और अन्य कार्य कराए जाएंगे। हालांकि पूरे निर्माण पर 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
उत्तर प्रदेश सेतु निगम की ओर से शहर के बालनिकेतन रेलवे क्रासिग संख्या जीरो-बी पर फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। इसके बनने से क्राॅसिंग पर जाम की समस्या से निजात मिलेगी। किसान नेता देवप्रकाश राय ने उच्च न्यायालय में आरओबी के लिए जनहित याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट की दखल के बाद गत माह 99.62 करोड़ का बजट जारी किया था। शासन की तरफ से पहली किस्त 21 करोड़ रुपया स्वीकृत होने से ओवरब्रिज निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह ओवरब्रिज जनपद में बने सभी ओवरब्रिज से अलग फोरलेन का होगा। दो ब्रिज दो-दो लेन के बनाए जाएंगे। एक टू लेन का ओवरब्रिज रेलवे लाइन को क्रास करते हुए रोडवेज से ढ़ेकुलियाघाट पुल तक बनेगा, जबकि दूसरा रोडवेज और सदर चौक को जोड़ेगा। ओवरब्रिज निर्माण के लिए प्रशासन की ओर से निर्माण की जद में आने वाले 296 भवनों का सर्वे किया गया है। इसके अलावा कुछ वास्तविक भवन स्वामियों के मुआवजे के लिए भी आकलन किया गया है।
शासन से पहली किस्त के रूप स्वीकृत 21 करोड़ रुपया जारी होते ही सेतु निगम की तरफ से अधिग्रहित जमीनों के मुआवजा राशि सहित अन्य कार्यो के लिए पहल शुरू कर दी गई है। ओवरब्रिज बन जाने से न केवल शहर की यातायात व्यवस्था में परिवर्तन आएगा बल्कि यहां हमेशा लगने वाले जाम से भी छुटकारा मिल जाएगा।
कोट
आरओबी निर्माण की पहली किस्त में 21 करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए हैं। यह राशि जल्द ही अधिग्रहित जमीन का मुआवजा देने सहित अन्य कार्यो पर खर्च की जाएगी। -ज्ञानेंद्र वर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर सेतु निगम आजमगढ़