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Mau News: दोहरीघाट के चार गो आश्रय स्थलों का नहीं हो सका सत्यापन

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मऊ। जिलाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में अस्थायी गो आश्रय स्थलों की स्थापना, क्रियान्वयन,संचालन तथा प्रबंधन के लिए गठित जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एनएन सिंह ने बताया कि जिले में कुल संचालित 52 गो आश्रय स्थलों में से विकासखंड दोहरीघाट के चार गो आश्रय स्थलों का सत्यापन अब तक नहीं हो पाया है। इससे जुलाई के भरण पोषण के लिए मांग पत्र अब तक भेजा नहीं जा सका है। जिलाधिकारी ने विकासखंड दोहरीघाट के खंड विकास अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए अवशेष गो आश्रय स्थलों का शीघ्र सत्यापन कर मांग पत्र भेजने का निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को समस्त विकास खंडों के गो आश्रय स्थलों का सत्यापन कार्य पूर्ण करते हुए सितंबर माह तक के लिए मांग पत्र भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने समय से सत्यापन और मांग पत्र न भेजे जाने वालों को चेतावनी पत्र जारी करने का निर्देश दिया। गो आश्रय पोर्टल पर इन्वेंट्री फीडिंग की समीक्षा के दौरान कुछ खंड विकास अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी न होने तथा ग्राम पंचायत स्तर पर सितंबर माह तक के ऑनलाइन इन्वेंट्री फीडिंग न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी किया।
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मुख्यमंत्री सहभागिता योजना की समीक्षा के दौरान जनपद के लिए प्राप्त लक्ष्य 582 के सापेक्ष अभी तक 440 गोवंश की सुपुर्दगी पर भी जिलाधिकारी ने समस्त खंड विकास अधिकारियों को अगले एक माह में कम से कम 100 गोवंशों को सहभागिता योजना से जोड़ने का निर्देश दिया। ग्राम पंचायत में स्थित चारागाह की भूमि पर नेपियर घास उगाने की समीक्षा के दौरान समस्त विकास खंडों में उपलब्ध क्षेत्रफल के सापेक्ष बहुत कम उत्पादन, विशेष कर विकासखंड कोपागंज में कोई भी उत्पादन नहीं किये जाने पर कड़ी नाराजगी प्रकट किया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद में निराश्रित अनुमानित लगभग 500 जानवरों को एक माह के अंदर कम से कम पांच नए अस्थाई गो आश्रय स्थलों के निर्माण के साथ ही पांच गो आश्रय स्थलों में क्षमता वृद्धि करने का निर्देश दिया। गो आश्रय स्थलों पर केयर टेकरों की तैनाती की समीक्षा के दौरान 160 केयर टेकरों के सापेक्ष अभी तक मात्र 104 केयर टेकरों की नियुक्ति पर जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज्य अधिकारी को तत्काल केयर टेकरों की तैनाती करने का निर्देश दिया।
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बैठक के दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित समस्त विकासखंड अधिकारी, समस्त पशु चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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