मधुबन। जिले की चारों तहसीलों में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान 224 प्रार्थना पत्र मिले, जिनमें से 26 का मौके पर निस्तारण किया गया। एसपी कमलेश बहादुर और सीडीओ विवेक कुमार श्रीवास्तव ने मधुबन तहसील में फरियादियों की समस्याएं सुनीं। सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक 90 शिकायती प्रार्थना पत्र मिले। इनमें 15 मामलों का मौके पर निस्तारण कराया गया, जबकि आठ मामलों की जांच के लिए अधिकारियों की टीमें मौके पर भेजी गईं। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।
कमलापुर निवासी रामरतन ने मधुबन थाने में तैनात सिपाही पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। उनकी बहू की ओर से उनके खिलाफ थाने में शिकायत की जाती है। जांच के लिए पहुंचे सिपाही पर धमकाने और दो हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। कमरौली निवासी अनिल ने पाट्टीदारों पर उनके हिस्से की भूमि पर निर्माण कार्य रोकने का आरोप लगाया।
धर्मपुर बिशुनपुर निवासी रामतेरस ने शिकायत की कि उनकी पुश्तैनी भूमि पर गांव के ही एक व्यक्ति ने कब्जा कर रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कब्जाधारक शराब का अवैध कारोबार करता है। लेखपाल की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट में खतौनी में उस व्यक्ति या उसके परिवार के किसी सदस्य का नाम दर्ज नहीं है। महमूद सराय निवासी मदन सेन ने आरोप लगाया कि उनकी निजी भूमि पर जबरन अवैध रूप से चकमार्ग बना दिया गया है। उन्होंने मामले की जांच कर निजी भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की।
घोसी तहसील में अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार की मौजूदगी में अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 78 प्रार्थना पत्र मिले, जिनमें से तीन मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सबसे अधिक 40 मामले राजस्व विभाग के थे, जबकि पुलिस से संबंधित 21, ब्लॉक के सात, नगर पंचायत के पांच, विद्युत विभाग के दो और अन्य विभागों के तीन मामले आए।
मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में मुख्य राजस्व अधिकारी दिनेश की अध्यक्षता में सुनवाई की गई। इसमें विभिन्न समस्याओं से संबंधित 56 शिकायती पत्र दिए गए। आठ शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। चार मामलों के निस्तारण के लिए राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर भेजी गई। सबसे अधिक 31 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित थीं, जबकि पुलिस विभाग की 12 और शेष 13 मामले अन्य विभागों से संबंधित थे। सीआरओ ने सभी शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का निर्देश दिया।
न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण का आरोप
बढुआ गोदाम। सरायलखंसी थाना क्षेत्र के सरायां रघुनाथपुर गांव निवासी चंद्रभान ने संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद विपक्षी द्वारा नए निर्माण का आरोप लगाते हुए काम रुकवाने की मांग की। चंद्रभान ने बताया कि उनकी भूमि मौजा सरायां की गाटा संख्या 205 की भूखंड संख्या 46 में स्थित है, जिसका क्षेत्रफल 211.37 वर्गमीटर है। आवासीय अभिलेख के अनुसार उक्त भूमि पर उनका पक्का मकान बना हुआ है। आरोप है कि उस भूखंड के संबंध में दीवानी न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश पारित किया गया है।