मऊ पुलिस लाइन परिसर में गुरुवार की दोपहर झाड़ियों में अज्ञात कारणों से आग लग गई। इसमें वहां गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई में जब्त कर रखे गए पांच वाहन जल गए। सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। जिससे पुलिस लाइन में होने वाला बड़ा हादसा टला।
वहीं पुलिस लाइन में रहने वाले अन्य पुलिसकर्मी भी सक्रियता दिखाते हुए दौड़ पड़े और फायर ब्रिगेड की टीम के साथ आग बुझाने में लगे रहे। गुरुवार की दोपहर पुलिस लाइन परिसर में उगी झाड़ियों संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई।
तेज हवा के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया और ऊंची लपटों ने गैंगेस्टर एक्ट के तहत जब्त कर रखी दो बसों को चपेट में ले लिया। आग का भयानक रूप देख फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। तब तक फायर ब्रिगेड की टीम वहां पहुंचती जब्त कर रखे हुए दो ट्रक और एक अन्य वाहन धूं धूंकर जल रहा था।
इस घटना में दो बस, दो ट्रक और एक अन्य वाहन पूरी तरह जल गया। बड़ा सवाल ये उठता है कि ये लापरवाही है या किसी ने जान बूझकर आग लगाई।
दो सरकारी भवन के परिसर में लग चुकी है आग
इससे पहले 18 अप्रैल को विकास भवन के परिसर की झाड़ियों में आग लग गई थी। दो घंटे की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया। इस दौरान विकास भवन के अधिकारी और कर्मचारी अपना अपना वाहन बचाने में लगे रहे।
24 घंटे के अंदर 19 अप्रैल की दोपहर नगर के बीचोबीच स्थित पॉवर हाउस परिसर की झाड़ियों में आग लगी। स्थानीय लोगों और फायर ब्रिगेड की टीम की मशक्कत पछुआ हवा के आगे फीकी थी। थोड़ी देर होती तो ट्रांसफार्मर के वर्कशॉप में आग धधकने लगती।