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ऋण मोचन योजना के लाभ के लिए पांच हजार ने फिर िकया आवेदन

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किसान
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 प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गई ऋण माफी योजना के लाभ से अभी भी जिले के काफी किसान वंचित है। बैंकों और तहसीलों पर हुई लापरवाही का खामियाजा भुगत रहें किसानों ने ऋण मोचन योजना का लाभ पाने की आस में एक बार फिर से आवेदन किया है। मौजूदा समय में कृषि विभाग में ऑन और आफ लाइन मिलाकर कुल करीब पांच हजार आवेदन फार्म एकत्र हुए है। जबकि एनपीए खाता धारक किसानों की संख्या 5116 है। इन किसानों के खातों की जांच की जा रही है। किसानों को योजना का लाभ तभी मिलेगा, जब शासन से डिमांड जनरेट होगी।  
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जिले में कुल दो लाख के करीब किसान है, लेकिन शासन के आदेश पर जिले से ऋण मोचन योजना में शामिल करने के लिए कृषि विभाग ने बैंक के सहयोग से 40395 किसानों का चयन किया था। इन किसानों ने खेती किसानी के लिए बैंक से लोन लिया था। लेकिन विभिन्न तिथियों में सिर्फ 23309 किसानों को ऋण मोचन का लाभ दिया जा सका। इन किसानों को 119.90 करोड़ रुपया वितरीत किया गया था। जबकि शेष बचे 17086 किसानों में से 12585 किसान ऐसे मिले जिन्होंने 31 मार्च 2017 से पूर्व अपने ऋण की धनराशि को जमा कर दिया था। इसके कारण इन्हे इस योजना से अलग कर दिया गया था। तरह से चिह्नित किए गए किसानों में से 4501 किसान उस समय से ऋण मोचन के लाभ से वंचित है।

किसानों के शिकायत पर शासन ने एक बार फिर से आवेदन लेने का आदेश जारी किया। साथ ही नान प्रर्फामेेंस वाले खाता धारकों को भी इस योजना का लाभ देने का आदेश दिया था। नान परफारेंस खाता धारकों की तैयार हुई कुल सूची 8380 में से महज 3264 किसानों को ऋण मोचन योजना का लाभ दिया जा सका। इस तरह से 5116 एनपीए खाता वाले किसान भी ऋण मोचन के लाभ से वंचित हो गए। विभाग का कहना है कि इन किसानों के खातों की जांच की जा रही है।  शासन के आदेश पर विभाग को ऑन और आफ लाइन मिलाकर कुल पांच हजार किसानों ने आवेदन किया है। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार का कहना है कि बैंक और तहसील से दस्वावेेेजों को सत्यापित कराकर किसानों का आवेदन स्वीकार कर उसे सूची में शामिल किया जा रहा है।
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