जनपद में बिजली आपूर्ति इस कदर चरमरा गई है कि लोग आत्मदाह करने पर उतारू हो गए हैं। बिजली कटौती के विरोध में मंगलवार को रतनपुरा विद्युत उपकेंद्र पर पहुंचे ग्रामीणों में से पांच लोग परिसर में लगे ट्रांसफार्मर पर चढ़ गए और आत्मदाह की चेतावनी दी। जिलास्तरीय अधिकारियों के मौके पर आकर लिखित आश्वासन की मांग करने लगे। आंदोलन के समर्थन में रतनपुरा बाजार के सभी दूकानदार दूकानों को बंदकर उपकेंद्र पर जमे रहे। इधर बिजली कर्मचारियों के हाथ पांव फूल गए। जानकारी मिलने पर भारी संख्या में पुलिस बल उपकेंद्र पर पहुंच गया।
रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाए जाने के लिए ग्रामीणों ने तीन बार धरना दिया। क्षेत्र के पांच लोगों ने 21 सितंबर तक बिजली समस्या का समाधान न होने पर 22 सितंबर को आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी।
इसके समर्थन में मंगलवार सुबह से ही कई गांवों के ग्रामीणों का विद्युत उपकेंद्र परिसर में जमघट लगने लगा। प्रशासन की ओर से भारी संख्या में पुलिस के जवानों की तैनाती की गई। आंदोलन के समर्थन में रतनपुरा बाजार में सभी दूकानें बंद रही। भारी पुलिस बल के बाद भी रतनपुरा ग्राम प्रधान रामाश्रय मौर्य, मनोज सिंह, लखीचंद शर्मा, मनोज गुप्ता, आलोक सिंह विद्युत उपकेंद्र परिसर में लगे ट्रांसफार्मर पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे।
उनके समर्थन में भारी संख्या में जुटे ग्रामीण भी हाथ उठाकर समर्थन देने लगे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विद्युत उपकेंद्र में लगी मशीनें तथा विद्युत उपकरण जर्जर हाल में है। जर्जर तारों के आए दिन टूटने से कई दिनों तक बिजली गुल हो जा रही है। कामर्शियल बिजली बिल देने के बाद भी नाम मात्र बिजली मिल रही है।
बारिश कम होने से सूखे की स्थिति है। इसके बावजूद लगातार चार घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। विद्युत उपकेंद्र में कम क्षमता का ट्रांसफार्मर लगा होने से ओवरलोड की समस्या आ रही है। कम बिजली मिलने से कई वर्षो से फसल उत्पादन पर असर पड़ रहा है।
अपराह्न बाद विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार, उपजिलाधिकारी सदर सुरेंद्र दत्त सिंह,सीओ रविंद्र सिंह के लिखित आश्वासन पर मामला शांत हो सका। इस अवसर पर रमिता सिंह, परमात्मानंद सिंह, भगवान दास गुप्ता,मोहन गुप्ता, प्रेम, नंदकिशोर, अनिल यादव आदि शामिल थे।