वहां सबसे पहले अखिलानंद राय को निकाला गया। इसके बाद रूद्रप्रताप, सौम्या और अदरिक को बाहर निकाला गया। वहीं राकेश पटिया के मलबे के नीचे दबे होने से पानी की गहराई तक चल गए, जिन्हें ग्रामीण नहीं निकाल सके। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर एक बजकर 15 मिनट बजकर उन्हें बाहर निकाला गया। लेकिन सिर में चोट लगने से उनकी मौत हो चुकी थी। इससे पहले उन्हें से निकले सुरिक्षत लोगों को कोपागंज समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाकर भर्ती कराया।
एसओ ने बताया कि कुएं की पटिया काफी कमजोर थी, ऐसे में कई लोगों के एक साथ बैठने से वो धसक गई। चार लोगों को निकाल लिया गया और एक व्यक्ति राकेश जो पटिया के नीचे दबे थे। उनका शव चार घंटे बाद निकाला जा सका। सिर में चोट लगने से उनकी मौत हो गई थी।