जनपद में अवैध रूप से संचालित अस्पताल, क्लीनिक और पैथोलॉजी के खिलाफ विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। मार्च में विभाग ने दो अस्पताल, एक क्लीनिक और एक पैथोलॉजी सील किया था।
अप्रैल माह में एक दिन में तीन अस्पताल को सील किए गए। अभी भी करीब 40 अवैध रूप से संचालित अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिक विभाग के रडार पर हैं।
विभाग सूत्रों के अनुसार, ऐसे सभी अवैध संचालित संस्थानों की पूरी सूची तैयार कर ली गई है। इस बार न केवल सील किया जाएगा, बल्कि संयुक्त टीम में शामिल प्रशासन और पुलिस की टीम जब्ती के साथ कानूनी कार्रवाई भी करेगी।
अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोपागंज के कुतुबपुर में काव्या क्लीनिक और उसके बगल में संचालित पैथोलॉजी को सील किया है। वहीं बीते सोमवार को नगर के ब्रह्मस्थान स्थित रूद्रा अस्पताल और पहसा के न्यू स्वास्तिका अस्पताल को सील करते हुए पूरे सामान को जब्त कर लिया गया।
बृहस्पतिवार को मधुबन में अवैध रूप से संचालित एक अस्पताल को सील किया गया। अभी विभाग नगर सहित जनपद के दूरदराज क्षेत्रों में अवैध संचालित अस्पतालों की सूची खंगाल रहा है। हर सीएचसी प्रभारी से उनकी रिपोर्ट मांगी गई है, उसी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
30 मार्च को मंडलायुक्त सुनील सिंह ने भी बैठक में स्वास्थ्य विभाग को अवैध रूप से संचालित अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिक की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
आदेश के बाद से सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने नोडल अधिकारी डॉ. आरएन सिंह के नेतृत्व में डिप्टी सीएमओ की टीम का गठन किया। टीम को सभी सीएचसी प्रभारी के सहयोग से मुख्यालय, तहसील मुख्यालय और ब्लॉक मुख्यालय सहित अन्य सुदूर क्षेत्रों में संचालित अस्पतालों का पंजीकरण, स्टाफ लिस्ट सहित सभी बिंदुओं पर जांच के बाद कार्रवाई करने को कहा गया।