बकाया विद्युत बिलों की अदायगी के लिए दबाव बनाने के लिए अधीक्षण अभियंता के निर्देश पर 30 नवंबर को क्षेत्र के समूचे धर्मपुर ग्राम पंचायत की बिजली काट दी गई। इसके कारण गांव के उन सैकड़ों उपभोक्ताओं का कनेक्शन भी कट गया जिन्होंने अपने बिलों का भुगतान कर दिया। तब से गांव के सभी घर अंधेरे में डूबे हुए हैं। ग्रामीण विभागीय उच्चाधिकारियों के इस तुगलकी फरमान को कोस रहे थे।
धर्मपुर गांव के लोग रोजाना गांव से लेकर बिजली उपकेन्द्र रौजा तक चक्कर लगा रहे हैं। धर्मपुर ग्राम पंचायत के उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग को पूरे ग्राम पंचायत की बिजली नहीं काटनी चाहिए थी। इस बेतुके फरमान के क्रियान्वयन से नियमित रूप से बिजली बिल की अदायगी करने वाले उपभोक्ताओं को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। गांव के लोगों का कहना है कि आजादी के 60 सालों बाद भी इस गांव में काफी मशक्कत के बाद किसी तरह छह माह पूर्व ही बिजली पहुंची है , लेकिन केवल कुछ बकाएदार उपभोक्ताओं के चलते समूचे गांववासियों को फिर पहले की स्थिति में पहुुंचा दिया गया।
इस तुगलकी फरमान से धर्मपुर ग्राम पंचायत के जरलहवा, बिन्टोलिया, नयी बस्ती, हाता, लीलहवा, टाड़ी, नकिहवा ,कुड़िया आदि गांवों के उपभोक्ता अन्धेरे में जीवन बिताने को विवश हैं। नियमित तौर पर बिल का भुगतान करने वाले उपभोक्ता महातम यादव, अमरजीत यादव, वीरेंद्र गुप्ता ,खूबलाल यादव ,रामबचन यादव आदि उपभोक्ताओं ने फिर सप्लाई देने के लिए तहसील पर प्रार्थना पत्र दिया है। इस संबंध में एसडीओ मधुबन राजेश प्रसाद का कहना है कि बकाया बिल काफी बढ़ जाने से अधीक्षण अभियंता के निर्देश पर पूरे धर्मपुर ग्राम पंचायतकी बिजली काटी गई है।