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कायाकल्प योजना में जिला महिला अस्पताल मंडल में प्रथम

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जिला महिला अस्पताल का मुख्य भवन। - फोटो : MAU
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मऊ। कायाकल्प योजना 2020-21 के मूल्यांकन में जिला महिला अस्पताल ने आजमगढ़ मंडल में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। योजना के तहत सात मानकों पर तीन चरणों में महिला अस्पताल का भौतिक सत्यापन हुआ था।
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जिला महिला अस्पताल के क्वालिटी मैनेजर डॉ. मिथिलेश ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार और स्वस्थ वातावरण मिले, इसके लिए केंद्र सरकार कायाकल्प योजना चला रही है। कायाकल्प योजना 2020-21 के तहत जिला महिला अस्पताल का पहले मंडल की टीम ने सत्यापन किया। इसके बाद प्रदेश तथा तीसरे चरण में केंद्र की टीम ने निर्धारित मानकों पर वीडियो वर्चुअल से भौतिक सत्यापन किया था। इसका परिणाम कुछ दिन पहले जारी किया गया। इसमें जिला महिला अस्पताल ने 80.79 रेटिंग पाकर आजमगढ़ मंडल में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। बीते वर्ष महिला अस्पताल को 77.2 रेटिंग मिली थी। वर्ष 2018 में मूल्यांकन महिला जिला अस्पताल फिसड्डी हो गया था। व्यवस्था सुधारने के बाद दो वर्षों से जिला अस्पताल मंडल में प्रथम स्थान प्राप्त कर रहा है। मंडल में प्रथम स्थान पाने पर सीएमएस डॉ. चंद्रा सिन्हा, डॉ. रीमा यादव, चीफ फार्मासिस्ट अखिलेश पांडेय, अखिलेश त्रिपाठी, चंद्रमणि त्रिपाठी ने प्रसन्नता जताई है।
तीन चरणों में हुआ था सर्वे
कायाकल्प योजना में छह मानक तय हैं। इनमें अस्पताल का रखरखाव, सफाई, वेस्ट प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण, सपोर्ट सुविधाएं शामिल हैं। इसके तहत अस्पतालों का तीन चरणों में टीमें सर्वे करती हैं। पहले चरण में मंडल के सत्यापन में जिला महिला अस्पताल को 80.59, दूसरे चरण राज्य के सत्यापन में 79.98 और तीसरे चरण में केंद्र की टीम ने सर्वे कर 80.79 अंक दिया था। बीते वर्ष अस्पताल की पूरे रैकिंग 24 थी, इस वर्ष 40 है। सकारात्मक बात है कि बीते वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष रेटिंग में 3 फीसदी का सुधार है।
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क्या हैं कायाकल्प योजना
मऊ। केंद्र सरकार ने 15 मई 2015 को राजकीय चिकित्सालयों में स्वच्छता एवं हाईजिन को बढ़ाने के लिए कायाकल्प योजना की शरुआत की थी। योजना के तहत स्वास्थ्य केंद्रों का तीन चरणों में असेसमेंट किया जाता है। तीनों चरणों में 70 प्रतिशत से अधिक अंक मिलने पर अस्पताल को राज्य स्तर पर प्रशस्ति पत्र तथा पुरस्कार राशि दी जाती है। इस वर्ष महिला अस्पताल को प्रमाण पत्र के साथ साढ़े तीन लाख रुपये नकद का पुरस्कार दिया गया है। इसमें 75 फीसदी अस्पताल की खामियों को सुधार करने और 25 फीसदी प्रोत्साहन पर खर्च करना है।
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