इंदारा। एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने जवाहर नवोदय विद्यालय प्रशासन पर लगाए गए वित्तीय अनिमितता के आरोप मामले में जिलाधिकारी के आदेश पर दो सदस्यीय टीम ने विद्यालय के अभिलेखों की जांच की। जांच में कई कार्य नियम को ताक पर रखकर बिना निविदा आमंत्रित किए ही कार्य कराकर भुगतान किया गया है।
2021-22 में निविदा की प्रक्रिया का पालन न करते हुए 14 लाख 42 हजार 940 रुपये का भुगतान कर दिया गया। जबकि 2022-23 में बिना किसी निविदा आमंत्रण किए रूद्रा इंटरप्राइजेज के नाम किचेन निर्माण के लिए 4.89575 लाख का भुगतान हुआ। एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने गत 16 अप्रैल को नवोदय विद्यालय में वित्तीय अनियमितता के मामले में जिलाधिकारी से जांच कराने के लिए पत्र दिया था। डीएम प्रवीण मिश्र ने बातया कि शिकायत के बाद टीम गठित की गई। जिसमें नगर मजिस्ट्रेट और ग्रामीण अभियंत्रण के अधिशासी अभियंता शामिल रहे। जांच में 2021-22 में जवाहर नवोदय विद्यालय में विभिन्न मदों में कुल 647.17 लाख का बजट मिला था।
जिसके सापेक्ष. 593.68 लाख का व्यय किया गया है। विभिन्न स्थानों पर इंटरलाकिंग, प्लास्टर रिपेयरिंग के कार्य के निर्माण से संबंधित ईंट, बालू, सीमेंट आदि का कार्य बिना किसी निविदा आमंत्रण ही कार्य करा दिया गया।
निविदा की प्रक्रिया का पालन न करते हुए 14 लाख 42 हजार 940 रुपये का भुगतान नियमानुसार नही पाया गया। वर्ष 2022-23 में भोजनालय राशन सामाग्री, फ्रेश राशन, फल, सब्जी, दैनिक उपभोग सामाग्री, छात्रों के बाल कटाई, छात्र गणवेश की सिलाई, मिनी बस नीलामी के लिए निविदा आमंत्रित की गई थी। 15.40 लाख की स्वीकृति विद्यालय को प्राप्त हुई थी। जिसके क्रम में 14.92981 लाख का भुगतान किया गया।