आखिरकार बैंक के अधिकारियों ने जिले के काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंकों को करेंसी उपलब्ध कराने की सुधि ले ही ली। जिले के ग्रामीण बैंकों में लगातार तीन दिनों से करेंसी उपलब्ध न होने की समस्या को अमर उजाला ने अपने 13 नवंबर के अंक में कैश भुगतान न होने से हंगामे की आशंका शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होते ही हड़कंप मच गया। प्रशासन के निर्देश पर ग्रामीण बैंक की सभी शाखाओं को दो लाख रुपये की दर से करेंसी उपलब्ध कराया गया।
जिले में लगभग 24 काशी गोमती संयुत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक हैं। 500 व एक हजार रुपये के नोट बंद होने के लगातार तीन दिनों तक ग्रामीण बैंक की शाखाओं में करेंसी न भेजे से खाताधारकों की मुश्किलें बढ़ रही थी। बैंकों का लाकर भर जाने के चलते शाखा प्रबंधक पैसा जमा करने में भी हाथ खड़ा कर दे रहे थे। कई दिनों से परेशान खाताधारकों को नगद भुगतान के लिए बैंकों का चक्कर काटना पड़ रहा था। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद यूबीआई के अधिकारी हरकत में आए।
बैंक अधिकारियों ने ग्रामीण बैंक को करेंसी चेस्ट उपलब्ध कराया। रविवार को सभी बैंक शाखाओं में दो-दो लाख रुपये की दर से करेंसी भेजी गई। इस बाबत काशी गोमती संयुत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के रिजनल मैनेजर चंद्रप्रकाश का कहना है कि रविवार को करेंसी मिली है। दो-दो लाख की दर से सभी शाखाओं में करेंसी भेज दी गई है।