पिपरीडीह वढुआ काझा मार्ग पर डग्गामार वाहन से यात्रा करते लोग। इससे हमेशा हादसों का खतरा बना रहता है।
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आरटीओ तथा पुलिस द्वारा अभियान तो चलाया जाता है, लेकिन केवल हेलमेट तक सिमट कर रह जाता है। जबकि जिले के कई मार्गो पर डग्गामार वाहन चालकों द्वारा रोजाना ना केवल क्षमता से अधिक सवारियों को ले जाते है। बल्कि कई लोग अपने जांन को दांव पर लगाकर वाहन के पीछे लटकर गंतव्य स्थान को रवाना होते है। लेकिन बावजूद ना तो इस ओर आरटीओ विभाग द्वारा कार्रवाई की जाती है ना ही पुलिस विभाग द्वारा।
परदहा ब्लाक के पिपरीडीह, बढुआगोदाम-वनदेवी मार्ग, रैकवारेडीह मार्ग, सरसेना-काझा इटौरा सलाहाबाद मार्ग सहित कई मार्गो पर बीते कई सालों से डग्गामार वाहन चल रहे है। खास बात है कि कंडम हो चुके इन वाहनों में चालकों द्वारा ना केवल क्षमता से ज्यादा सवारियों बैठाया जाता है, बल्कि कई लोगों को वाहन के पीछे भी खड़ा कर गंतव्य स्थान तक ले जाया जाता है। जबकि बढुआगोदाम-पिपरीडीह तथा सरसेना-काझा इटौरा सलाहाबाद मार्गपर आधा दर्जन से ज्यादा पुलिस चौकी बनी है। बावजूद ना तो पुलिस विभाग द्वारा इन वाहन चालकों पर कोई कार्रवाई की जाती है ना ही आरटीओ द्वारा।
पिपरीडीह निवासी हीराराम, मजखनी गांव निवासी नीरज सिंह, भार गांव निवासी बालचंद्र गुप्ता तथा रैकवारेडीह निवासी दिनेश गुप्ता ने जिला प्रशासन से किसी अप्रिय घटना घटने से पहले डग्गामार वाहन चालकों पर कार्रवाई की मांग की। एआरटीओ कहकशां खातून ने बताया कि समय-समय पर डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई होती है। जल्द ही अभियान चला कर कार्रवाई शुरू की जाएगी।