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Mau News: गैर इरादतन हत्या के मामले में पिता, पुत्र को 10 वर्ष की सजा

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मऊ। विशेष न्यायाधीश एससी/ एसटी एक्ट हर्ष अग्रवाल ने गैर इरादतन हत्या के मामले में नामजद पिता, पुत्र को सुनवाई के बाद दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही कुल 6-6 हजार रुपये अर्थदंड दंड लगाया। अर्थदंड न देने पर 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं अर्थदंड जमा हो जाने पर 60 प्रतिशत धनराशि वादी मुकदमा के संतान को देने का आदेश दिया। मामला हलधरपुर थाना क्षेत्र का है।
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अभियोजन के अनुसार हलधरपुर थाना क्षेत्र के तरवांंडीह गांव निवासी रामकृत डोम पुत्र स्व. नवमी डोम की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें गांव के ही शिवमुनी चौहान पुत्र स्व. जंगी चौहान और अर्जुन पुत्र शिवमुनी चौहान को आरोपी बनाया। वादी का कथन था कि 30 अप्रैल 2009 को दिन में 10 बजे आरोपीगण उसकी पत्नी रमावती के साथ लाठी डंडे से मारपीट किया। इससे उसका सिर फट गया तथा उसके बांह की हड्डी टूट गई। इलाज के दौरान रमावती देवी की तीन मई 2009 को मौत हो गई। मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में भेजा। विशेष न्यायाधीश ने आरोपीगण को मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद गैर इरादतन हत्या के मामले में दोनों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया। वहीं गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ एक-एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया। मारपीट के मामले में एक-एक वर्ष, गाली और धमकी देने के मामले में क्रमशः 2-2 वर्ष के कठोर कारावास की सजा का निर्णय सुनाया। अर्थदंड न देने पर 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड जमा हो जाने पर 60 प्रतिशत धनराशि वादी मुकदमा की संतान को देने का आदेश दिया। वहीं आरोपियों को एससी/एसटी एक्ट में दोषमुक्त कर दिया।
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