भारतीय किसान यूनियन के तत्वावधान में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर कस्बा स्थित शहीद स्मारक पर महापंचायत की गई। इसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
महापंचायत के मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष राजेश चौहान रहे। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। प्रदेश अध्यक्ष राजेश चौहान ने कहा कि आज किसानों की जमीन और उसकी उपज को सरेआम सरकारी तंत्र दोनों हाथों से लूट रहा है। क्योंकि किसान संगठित नहीं हैं।
आज किसान संगठित रहता तो उसकी जमीनों पर अवैध अधिग्रहण करने में सरकारें दस बार सोचतीं। उन्होंने 18 मार्च को भूमि अधिग्रहण बिल के विरोध में दिल्ली जंतर मंतर पर आयोजित महापंचायत में शामिल होने का आह्वान किया।
इसी क्रम मेें प्रदेश सचिव सुरेश यादव ने कहा कि किसानों की समस्या का समाधान केवल भारतीय किसान यूनियन ही कर सकती है।
इसी क्रम में संगठन के जिलाध्यक्ष गया यादव ने कहा कि हाहा नाले की खुदाई के लिए प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपा गया बावजूद मामले को लटका दिया गया है।
हाहा नाले की खुदाई न होने से किसानों को प्रतिवर्ष काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जबकि क्षेत्र में दर्जनों नालों को जेसीबी से खुदवाकर करोड़ाें रुपये का भुगतान करा लिया जा रहा है।
गन्ना किसानों का बकाया भुगतान न होने से किसानों को चीनी मिल से लेकर जिला मुख्यालय तक चक्कर लगाना पड़ रहा है। सूरजपुर से सारंगपुर तथा नुरुल्लाहपुर से मित्तूपुर तक बंधे की ऊंचाई करने की मांग वर्षो से उठाई जा रही है, लेकिन मामले को दबा दिया जा रहा है।
बाढ़ आने पर प्रतिवर्ष लोगों नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी क्रम में मिथिलेश यादव ने कहा कि मधुबन कस्बा में जल निकासी के लिए नाली निर्माण नहीं कराया जा सका है।
इससे कस्बे के लोगों को नारकीय जीवन जीना पड़ रहा है। सिकड़ी कोल माइनर में टेल तक पानी न पहुंचने से किसानों के लिए माइनर शो पीस बनकर रह गई है।
मांगों को पूरा नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस अवसर पर अर्जुन यादव, रमाकांत यादव, रामनगीना, रणजीत सिंह, रविंद्रनाथ पांडेय, सदानंद मौर्य, ओमप्रकाश आदि शामिल थे।