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Mau News: भीड़ पर आस्था भारी, 27 ट्रेनों से दस घंटे में रवाना हुए 21 हजार यात्री

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दिल्ली में भददड़ हादसा के बाद भी महाकुंभ को लेकर आस्था में कमी नहीं दिख रही है।रविवार को मऊ जंक्शन से सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक 27 ट्रेनों से करीब 21 हजार यात्री रवाना हुए। जो कि आम दिनों से दोगुनी संख्या है। उधर दिल्ली हादसा के बाद न केवल जीआरपी-आरपीएफ अर्लट मोड पर दिखी वहीं डीएम-एसपी ने जहां मऊ जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्था की खुद मॉनिटरिंग की। वहीं अन्य स्टेशनों पर दूसरे प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भीड़ को लेकर सर्तक रहे।
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रविवार की सुबह आठ बजे से 12:40 बजे तक छह महाकुंभ स्पेशल, 27 एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों से लगभग 21 हजार रेल यात्री गंतव्य के लिए रवाना हुए। इनमें से अधिकांश करीब 60 फीसदी महाकुंभ जाने वाले थे। लेकिन महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों के आने जाने की सही जानकारी नहीं मिल पाने से यात्रियों को अनावश्यक परेशान होते देखा गया।
ट्रेन में चढ़ने के बाद यात्रियों को उनके गंतव्य तक नहीं जाने की सूचना मिलते ही वो ट्रेन से उतरने लग रहे थे। जबकि सुबह आठ बजे से 12:40 बजे तक छह महाकुंभ स्पेशल ट्रेनें मऊ जंक्शन पर पहुंची। कुछ तो गोरखपुर से प्रयागराज जाने वाली थीं और कुछ प्रयागराज, वाराणसी होते हुए मऊ से बलिया या गोरखपुर की ओर निकलीं। प्लेटफार्म पर पहुंचने से कुछ देर पहले ही वहां के स्टाफ को इन ट्रेनों के आने की जानकारी मिली, जिससे उन्होंने अनाउंसमेंट करके यात्रियों को ट्रेन के आने और प्लेटफार्म की जानकारी दी।
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साथ ही चलती ट्रेन में न चढ़ने के लिए सजग करते रहे। दूसरी तरफ दिल्ली हादसे के बाद अलर्ट जिलाधिकारी प्रविण मिश्र और पुलिस अधीक्षक इलामारन जी ने मऊ जंक्शन और रोडवेज बस स्टेशन का निरीक्षण किया। महाकुंभ जाने वाले श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन और उनकी सुरक्षा व्यवस्था का बेहतर इंतजाम करने और भीड़ नियंत्रण के निर्देश दिया।
इस दौरान जिलाधिकारी ने प्रमुख चौराहों और मार्गों पर कहीं पर भी जाम जैसी स्थिति न उत्पन्न हो, इस बात का विशेष ध्यान रखते हुए आवागमन को सुचारू रूप से संचालित कराएं। इस दौरान अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट मौजूद थे।

हर दिन गुजर रही 15 महाकुंभ ट्रेन
स्थानीय जंक्शन से इन दिनों रोजाना 44 एक्सप्रेस, पैसेंजर और 15 महाकुंभ स्पेशल ट्रेनें गुजर रही हैं। मऊ से गुजरने वाली सभी ट्रेनें गोरखपुर और बिहार से आती हैं। एक्सप्रेस, सुपरफास्ट ट्रेनों की एसी और स्लीपर कोच में पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही हैं। आश्चर्य की बात ये है कि दो माह पहले से ही यात्रा की योजना बनाकर टिकट बुक कराने वालों को ट्रेन में चढ़ने की जगह ही नहीं मिल रही है। यात्री के पास टिकट है या नहीं ये देखने वाला भी कोई नहीं है। रविवार को मऊ स्टेशन पर तीन रिश्तेदारों को ट्रेन में बैठाने पहुंचे गिरधारी ने बताया कि उनके दो रिश्तेदारों को लिच्छवी एक्सप्रेस से दिल्ली जाना था। उन्होंने स्लीपर कोच में तत्काल टिकट बुक कराया था। लेकिन ट्रेन रुकने पर स्लीपर कोच में चढ़ने की जगह नहीं मिलने पर यात्रा निरस्त करना पड़ा।
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