नगर पंचायत में अधिशासी अधिकारी की कार्यशैली से सभासद नाराज हैं। बृहस्पतिवार को सभासदों ने नगर पंचायत कार्यालय में विरोध प्रदर्शन करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष जफर अहमद को ज्ञापन सौंपा। आरोप लगाया कि अधिशासी अधिकारी के नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित नहीं रहने के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
अधिशासी अधिकारी 10 से 20 दिन के अंतराल पर नगर पंचायत कार्यालय आते हैं। इस कारण जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, गृहकर वसूली सहित अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं। करीब 10 माह से कई प्रमाण पत्रों पर हस्ताक्षर नहीं होने की बात भी ज्ञापन में कही गई है। बोर्ड की बैठकों में अधिशासी अधिकारी के नियमित रूप से शामिल नहीं होने, नगर की प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य समस्याओं पर ध्यान नहीं देने, त्योहारों के दौरान व्यवस्थाओं की निगरानी नहीं करने, वर्षा ऋतु से पहले बड़े नालों की सफाई नहीं कराने और गृहकर वसूली में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। इस दौरान सभासद परवेज आलम, राशिद कमाल, अब्दुल्ला, रिजवान अहमद, फैजान अहमद, काजू चौबे आदि मौजूद थे।
अध्यक्ष बोले- लिखी शिकायतें सही
नगर पंचायत अध्यक्ष जफर अहमद ने कहा कि सभासदों के आरोप सही हैं। कुर्थीजाफरपुर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी के पास दो स्थानों का चार्ज है। इसी वजह से वह नियमित रूप से उपस्थित नहीं हो पाते हैं। कभी-कभी 10 या 20 दिन पर कार्यालय आते हैं। इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सभासदों और नगरवासियों की समस्याओं का समय से समाधान नहीं हो पा रहा है।
16 सितंबर को बोर्ड बैठक में पारित हुआ था निंदा प्रस्ताव
सभासदों ने बताया कि अधिशासी अधिकारी की कार्यशैली को लेकर पूर्व में भी बोर्ड के समक्ष मामला उठाया जा चुका है। 16 सितंबर को नगर पंचायत बोर्ड की बैठक में अधिशासी अधिकारी की कार्यशैली की निंदा का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया था। जिलाधिकारी से जांच कराने और नगर पंचायत के शासकीय व जनहित के कार्यों को सुचारू रूप से कराने की मांग की गई है।
सभासदों के आरोप झूठे हैं। नगर पंचायत में सभासदों का गुट दो खेमें में बंटा है। इनके द्वारा जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। - देवश मिश्र, अधिशासी अधिकारी।