मऊ। यूपी बोर्ड हाईस्कूल-इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षा शुरू होने में 16 दिन ही शेष हैं, लेकिन परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने की कवायद तेज हो गई है। इस वर्ष प्रयोगात्मक परीक्षाओं की कापियां परीक्षा के तुरंत बाद मौके पर ही सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में जांची जाएगी। प्रयोगात्मक परीक्षा में पारदर्शिता लाने के लिए बोर्ड की ओर से एप जारी किया गया है। एप के जरिए परीक्षक को कॉलेज से ही छात्र छात्राओं को परीक्षा का अंक देना होगा।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा 24 फरवरी शुरू होने के पूर्व प्रयोगात्मक परीक्षाएं 23 जनवरी से 31 जनवरी के बीच आयोजित होगी। इस वर्ष हाईस्कूल में 39213, इंटरमीडिएट में 39773 सहित 78986 परीक्षार्थी शामिल होंगे। बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए जिले मेें 135 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
हाईस्कूल की प्रयोगात्मक परीक्षा का विद्यालय स्तर से आंतरिक मूल्यांकन होगा। जबकि इंटरमीडिट प्रयोगात्मक परीक्षा बोर्ड से नियुक्त परीक्षक लेेंगे। इस वर्ष बोर्ड की तरफ से पारदर्शी व्यवस्था शुरू की गई है। प्रयोगात्मक परीक्षाओं की काॅपियां परीक्षा के तुरंत बाद मौके पर ही जांची जाएंगी। प्रयोगात्मक परीक्षा के काॅपियां की जांच परीक्षकों को सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में करनी होगी। परीक्षार्थियों को अंक देने के लिए बोर्ड की ओर से एप लांच किया गया है।
उसकी खासियत है कि परीक्षा केंद्र के 200 मीटर दायरे से बाहर जाने पर एप काम नहीं करेगा। इससे परीक्षकों को परीक्षा केंद्र से परीक्षार्थियों को एप के माध्यम से पोर्टल पर अंक देने होंगे। परीक्षकों को एप पर ही ऑनलाइन पासवर्ड उपलब्ध कराया जाएगा। इस बाबत संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ मंडल दिनेश सिंह का कहना है कि बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराई जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षकों को दिशा निर्देश जारी किया गया है।
शेरकोट में घर में लगी आग को काबू करते दम कल विभाग के कर्मचारी स्रोत संवाद