कलेक्ट्रेट पर ईवीएम को सही करते कर्मचारी।
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लोक सभा चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने में भले ही समय है, लेकिन आयोग जिला प्रशासन की मदद से चुनाव की तैयारी में जुट गया है। शुक्रवार की शाम बंगलूरू से ईवीएम मशीन यहां पहुंची। मशीन के साथ आए इंजीनियर कलेक्ट्रेट परिसर में मशीनों की जांच पड़ताल कर, मास्टर टेनरों को ट्रेनिंग देने का काम शुरू कर दिए। इस दौरान कलेक्ट्रेट में सुरक्षा के कड़े इंतेजाम किए गए थे। ईवीएम तक पहुंचने के लिए लोगों को मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना पड़ रहा था।
जिला चकबंदी अधिकारी आलोक कुमार को ईवीएम का नोडल अधिकारी बनाया गया है, उनकी देखरेख में उतारी गई ईवीएम को चुनाव कार्यालय में रखा गया। इस दौरान इंजीनियर मशीनों की जांच पड़ताल में जुट गए। नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि बैंग्लुरुर से आई ईवीएम में 2798 (बीयू) बैलेट यूनिट, 2070 कंट्रोल यूनिटें, तथा 2070 बीबी पैड आई है। उन्होंने बताया कि बैलेट यूनिट में चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों का बैलेट पेपर लगता है। जिसमें लगी बटन को दबाकर मतदाता अपने पसंद के प्रत्याशी का चयन करता है। बीबी पैड का प्रयोग मतदाता की जानकारी के लिए किया जाता है, इससे पता चलता है कि मतदाता ने किसकों वोट दिया है।
इस कार्य के लिए भेल कंपनी के 20 इंजीनियरों का समूह भी मुख्यालय पहुंचा है। इसके अलावा इस कार्य के लिए 40 सफाई कर्मचारियों के साथ एक सेक्सन पीएसी के जवानों को लगाया गया है। विडियोग्राफी के बीच पूरे दिन मशीनों की जांच पड़ताल से लेकर ट्रेनिंग देने का काम किया गया। बताते चले अभी हर विभागों के अवर अभियंता को मास्टर टेनर की ट्रेनिंग दी जा रही है,ये ट्रेनर चुनाव के समय मतदान कर्मचारियों को ट्रेनिंग देंगे।