शारदा नारायण अस्पताल में प्रेसवार्ता के दौरान विश्व तंबाकू निषेध दिवस के बारे में बताते डाॅ.संजय सिंह और डाॅ.सुजीत सिंह।
पूरे देश में तंबाकू के सेवन से हजारों लोग असमय काल के गाल में समा जाते हैं। तंबाकू के इस्तेमाल से कई तरह के जानलेवा रोग होते हैं, जिसमें से कैंसर सबसे घातक है। वहीं समय-समय पर सामाजिक संगठन तंबाकू से होने वाले हानियों को बारे में लोगों को सचेत करते हैं। हालत यह है हर तीसरा पांचवां व्यक्ति नशे का आदि है। वहीं मऊ जिले में दो करोड़ से अधिक रुपये का तंबाकू का कारोबार होता है। तंबाकू पर प्रतिबंध के प्रति सरकार भी उदासीन है।
सामाजिक संगठन समय-समय पर शिविर आदि लगाकर लोगों को इस नशे से मुक्ति के प्रति जागरूक करने का प्रयास करते हैं। इस नशे से मुक्ति सरकारी पहल की भी जरूरत है। बताते चले चार तहसील और नौ ब्लॉक वाले मऊ जिले की आबादी 22 लाख से अधिक की है। नगर में तंबाकू के बड़े कारोबारी के मुताबिक जिले में प्रति माह दो करोड़ से अधिक का तंबाकू का कारोबार होता है। जिला अस्पताल में तो इस बीमारी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। सीएमएस सदर अस्पताल एके पांडेय ने बताया कि यहां पर इस रोग की जांच से लेकर उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है।
ऐसे में आने वाले मरीजों में यदि जरा सा भी इस रोग का लक्षण दिखता है, उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया जाता है। इस कारण इस बीमारी के मरीजों का कोई लेखा जोखा अस्पताल में नहीं होता। जागरूकता कार्यक्रम से नशा मुक्ति पर जोरःजिले में मौजूद सामाजिक संगठन के अलावा नगर क्षेत्र के शारदा नारायण हास्पिटल में समय-समय पर इस नशे के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए शिविर का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा रोटरी क्लब, इनरव्हील क्लब, डेंटल एसोसिएशन के साथ-साथ होम्योपैथ एसोसिएशन के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाली स्वंय सेवी संस्था की तरफ से जागरूकता संगोष्ठी के साथ रैली निकाली जाती है। मंगलवार को सभी संगठन इस दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन करेंगे।